| बालाघाट जनसुनवाई: कलेक्टर के निर्देश पर 80 आवेदकों की समस्याओं का मौके पर हुआ समाधान Aajtak24 News |
बालाघाट - प्रत्येक मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई की कड़ी में 12 मई को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री मृणाल मीना के निर्देशन में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री जीएस धुर्वे, श्री डीपी बर्मन, श्री एमआर कोल एवं डिप्टी कलेक्टर श्री प्रदीप कौरव, एसडीएम श्री गोपाल सोनी ने आवेदकों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनका निराकरण करने के निर्देश दिये। जनसुनवाई में 80 आवेदक अपनी समस्या लेकर आए थे।
जनसुनवाई में ग्राम पंचायत परसवाड़ा के दीपक परते कोविड 19 के दौरान की गई भोजन व्यवस्था का भुगतान दिलाने की मांग लेकर आए थे। दीपक का कहना था कि वर्ष 2022 में कोविड के समय ग्राम पंचायत परसवाडा अंतर्गत ग्राम सेरपार में अस्थाई हास्पिटल बनाया गया था जिसमें स्वास्थ्य विभाग परसवाडा बीपीएम अनिल कुकडे द्वारा भोजन व्यवस्था का कार्य सौपा गया था जिसका 92 हजार रुपए का भुगतान आज तक नही किया गया है। इस प्रकरण में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने कहा गया है।
वारासिवनी तहसील के यमेंद्र गौतम अपने भाई धमेंद्र गौतम का प्रवेश सांदीपनि विद्यालय वारासिवनी में दिलाये जाने की मांग लेकर आए थे। यमेंद्र का कहना था उसके भाई धर्मेंद्र गौतम ने सरस्वती शिशु मंदिर वारासिवनी से कक्षा 10वीं 76 प्रतिशत अंक के साथ उत्तीर्ण किया है और अब वह सांदीपनि विद्यालय वारासिवनी में अध्ययन करना चाहता है, किंतु सांदीपनि विद्यालय प्राचार्य द्वारा कहा जा रहा है कि प्राईवेट स्कूल से आए विद्यार्थियों को प्रवेश नही दिया जाएगा। इसी तरह का प्रकरण अनुज मानेश्वर लेकर आए थे, जो कि सांदीपनि विद्यालय वारासिवनी में कक्षा 9वीं में प्रवेश लेना चाहते है। इन प्रकरणों में जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने कहा गया है।
बिरसा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत भीमलाट एवं समनापुर के ग्रामीण भीमलाट-समनापुर के बीच (सरहद) सीमा लाईन में आवागमन सुधार करवाने की मांग लेकर आए थे। ग्रामीणों का कहना था कि सीमा लाइन के दोनो साईड शासन की 10-10 कडी भूमि है किंतु दोनो ग्रामों के किसानो ने सीमा लाइन में फेंसिंग का कार्य कर दिया है, जिससे वहां बसे 16 परिवारों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध नही हो पा रही है। अत: इसकी जांच कर शीघ्र आवागमन की सुविधा उपलब्ध करायी जाए। इस प्रकरण में तहसीलदार बिरसा को आवश्यक कार्यवाही करने कहा गया है।
लालबर्रा तहसील अंतर्गत बम्हनी निवासी भूमेश्वर मरठे खाद्यान्न पर्ची बनवाने की मांग लेकर आए थे। भूमेश्वर ने बताया कि उसके परिवार की खाद्यान्न पर्ची अब तक नही बनी है, जिसकी वजह से उसे शासकीय राशन योजना का लाभ नही मिल पा रहा है। इस प्रकरण में जिला आपूर्ति अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने कहा गया है।
किरनापुर तहसील अंतर्गम ग्राम भालवा की स्वाति सोनबिरसे अपनी मानसिक विकार की बीमारी से निजात पाने के लिए शासन से आर्थिक सहायता दिलाये जाने की मांग लेकर आयी थी। स्वाति का कहना था कि उसे मेंटल डिसऑर्डर अर्थात मानसिक विकास की बीमारी है, जिसका ईलाज नागपुर में चल रहा है। स्वाति ने बताया कि वह एक गरीब परिवार की लड़की है जो पढ़ने में भी अच्छी है लेकिन उसका परिवार ईलाज व पढ़ाई का खर्च उठाने में सक्षम नही है। अत: उसे शासन से आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। इस प्रकरण में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने कहा गया है।
खैरलांजी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत छतेरा के घनश्याम गोपाले शौचालय निर्माण की राशि प्रदाय नही किये जाने की शिकायत लेकर आए थे। घनश्याम का कहना था कि उसे 02 वर्ष पहले स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत शौचालय निर्माण करने के लिए राशि आवंटित की गई थी। किंतु ग्राम पंचायत द्वारा उसे वह राशि प्रदाय नही की गई है। इस प्रकरण में जनपद सीईओ खैरलांजी को आवश्यक कार्यवाही करने कहा गया है।
जनसुनवाई में लाँजी तहसील के ग्राम टेडवा की गीता कावड़े शौचालय निर्माण के लिए राशि दिलाने की मांग लेकर आयी थीं। गीता कावड़े का कहना था कि उसे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है, लेकिन अब तक उसे शौचालय की राशि नही मिली है। जिसके कारण उसके परिवार को समस्याओं का सामना करना पड रहा है। इस प्रकरण में जनपद सीईओ लांजी को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है।
लालबर्रा तहसील अंतर्गत ग्राम गर्रा के वार्ड नं.12 के समस्त वार्डवासी बिजली व सडक की समस्या लेकर आए थे। उनका कहना था कि बिजली के पोल नही होने एवं सडक की सुविधा नही होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड रहा है। बरसात की दिनों में सडक चलने लायक भी नहीं रहती है। इस प्रकरण में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है।
वारासिवनी की निवासी अंजलि भारद्वाज मोट्रेट ट्राईसाइकिल (ई-ट्राईसाइकिल) दिलवाने की मांग लेकर आयी थीं। अंजलि नें बताया कि वह 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता की श्रेणी में आती है, परन्तु उसे शासन द्वारा किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उसने बताया की शासन द्वारा दिव्यांगजनों क़ो दी जाने वाली ई-ट्राईसाइकिल भी उसे अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। जिससे उसे रोजमर्रा के कार्यों में अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस प्रकरण में सामाजिक न्याय विभाग क़ो आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है।