बलौदाबाजार के सकरी लिवलीहुड कॉलेज में प्लेसमेंट कैंप, 6 कंपनियों ने दिए ऑफर लेटर और प्राथमिक चयन Aajtak24 News

बलौदाबाजार के सकरी लिवलीहुड कॉलेज में प्लेसमेंट कैंप, 6 कंपनियों ने दिए ऑफर लेटर और प्राथमिक चयन Aajtak24 News

बलौदाबाजार - जिले में शिक्षित बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिवलीहुड कॉलेज सकरी में आयोजित रोजगार मेला कई युवाओं के लिए उम्मीद लेकर आया। इस प्लेसमेंट कैंप में कुल 192 रिक्त पदों के लिए 6 निजी नियोजक कंपनियों ने भाग लिया।

मौके पर आयोजित साक्षात्कार के बाद 13 युवाओं को अंतिम रूप से ऑफर लेटर प्रदान किया गया, जबकि 12 युवाओं का प्राथमिक चयन किया गया।

किन कंपनियों में क्या रही भर्ती प्रक्रिया?

रोजगार मेले में विभिन्न कंपनियों ने अलग-अलग पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चलाई—

  • शिक्षा क्षेत्र में शिक्षक पदों पर सीमित चयन
  • सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर पदों पर भर्ती प्रक्रिया
  • सेल्स, मैनेजर, फील्ड ऑफिसर, कलेक्शन ऑफिसर जैसे पद
  • टेक्निकल और ऑपरेशनल पदों पर भी चयन प्रक्रिया

कुछ कंपनियों में आवेदकों की संख्या पदों की तुलना में काफी कम रही, जिससे चयन प्रक्रिया अपेक्षाकृत सीमित रही।

अधिकारियों की मौजूदगी और निर्देश

कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर श्रीमती रजनी छड़ीमली ने नियोजकों से विस्तृत चर्चा की और आगामी मेलों में रिक्त पदों की स्पष्ट जानकारी पहले से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

जिला रोजगार कार्यालय के अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के रोजगार मेलों का उद्देश्य युवाओं को सीधे कंपनियों से जोड़ना है, ताकि उन्हें अवसर तुरंत मिल सके।

जमीनी तस्वीर: पद ज्यादा, चयन कम

हालांकि मेले में 192 पद घोषित किए गए थे, लेकिन वास्तविक चयन और ऑफर लेटर की संख्या काफी सीमित रही। इससे यह सवाल भी सामने आया कि—

  • क्या युवाओं की स्किल और उद्योग की जरूरत में अंतर है?
  • क्या कंपनियां केवल औपचारिक भर्ती प्रक्रिया निभा रही हैं?
  • और क्या ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे रोजगार मेलों का प्रभाव पर्याप्त है?

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. 192 रिक्त पदों के मुकाबले केवल 13 फाइनल चयन क्यों हुआ—क्या उम्मीदवारों की कमी थी या चयन मानदंड बहुत सख्त?
  2. क्या रोजगार मेले में आने वाली कंपनियां वास्तव में फुल-फिलमेंट हायरिंग कर रही हैं या केवल औपचारिकता निभा रही हैं?
  3. क्या जिला प्रशासन युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के लिए स्किल ट्रेनिंग और इंडस्ट्री डिमांड के बीच गैप को पाटने की कोई ठोस रणनीति लागू कर रहा है?

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