श्योपुर; जनसुनवाई में दिखी प्रशासन की संवेदनशीलता: इलाज के लिए बच्चे को मिली मदद Aajtak24 News

जनसुनवाई में दिखी प्रशासन की संवेदनशीलता: इलाज के लिए बच्चे को मिली मदद Aajtak24 News

श्योपुर - जिले में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम एक बार फिर आम लोगों की उम्मीदों का केंद्र बना, जहां कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा ने नागरिकों की समस्याएं सुनते हुए कई मामलों में मौके पर ही राहत दिलाई। जिला मुख्यालय पर आयोजित इस जनसुनवाई में कुल 135 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, पेंशन, आवास और किसान योजनाओं से जुड़े मामलों की भरमार रही।

जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रखा जाए, बल्कि तय समयसीमा में गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि हर सप्ताह टीएल बैठक में जनसुनवाई से जुड़े आवेदनों की समीक्षा की जाएगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।

कार्यक्रम के दौरान एक भावुक दृश्य तब सामने आया जब ग्राम सांकुडली निवासी चंदन सिंह अपने बेटे अंशुमन के इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनके बेटे की आंखों का इलाज भोपाल में चल रहा है और आयुष्मान कार्ड से इलाज तो हो रहा है, लेकिन बार-बार भोपाल आने-जाने के लिए उनके पास पैसे नहीं हैं। इस पर कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा ने संवेदनशीलता दिखाते हुए रेडक्रॉस के माध्यम से तत्काल 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की।

जनसुनवाई में मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना से जुड़े मामलों की भी सुनवाई हुई। ग्राम हसनपुर हवेली निवासी मोहम्मद इलियास ने अपने पुत्र की बीमारी से मृत्यु के बाद अनुग्रह सहायता राशि नहीं मिलने की शिकायत की। परीक्षण के बाद कलेक्टर ने उन्हें बताया कि दो लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत हो चुकी है और शीघ्र ही उनके बैंक खाते में पहुंच जाएगी।

इसी तरह ग्राम पराष्ठा की मुन्नी बाई और ग्राम सोई के कमलेश को भी संबल योजना के तहत राशि ट्रांसफर न होने की समस्या से राहत दिलाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि बैंक खाते निष्क्रिय होने के कारण भुगतान अटक गया था। कलेक्टर ने संबंधित हितग्राहियों से सक्रिय बैंक खाते की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा ताकि राशि दोबारा ट्रांसफर की जा सके।

पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े कई आवेदन भी जनसुनवाई में पहुंचे। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र किसानों का परीक्षण कर उन्हें जल्द से जल्द योजना का लाभ दिया जाए। इसके अलावा शहर की साफ-सफाई को लेकर भी शिकायतें सामने आईं। सब्जी मंडी क्षेत्र में गंदगी की शिकायत मिलने पर कलेक्टर ने नगर पालिका अधिकारियों को तत्काल सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस स्टैंड, मंडी और सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।

जनसुनवाई कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ सौम्या आनंद, अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय, एसडीएम गगन सिंह मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का दावा है कि जनसुनवाई को केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी मंच बनाया जा रहा है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. जनसुनवाई में हर सप्ताह सैकड़ों आवेदन पहुंच रहे हैं, लेकिन क्या प्रशासन के पास यह सार्वजनिक आंकड़ा है कि इनमें से कितने मामलों का वास्तविक और स्थायी निराकरण हुआ?
  2. संबल योजना और अन्य योजनाओं की राशि “बैंक खाता निष्क्रिय” होने के कारण अटकने के मामले बार-बार सामने आ रहे हैं, तो क्या हितग्राहियों की बैंकिंग स्थिति की पहले से मॉनिटरिंग नहीं की जाती?
  3. जब सब्जी मंडी और सार्वजनिक स्थलों की सफाई जैसी मूलभूत समस्याएं जनसुनवाई तक पहुंच रही हैं, तो क्या स्थानीय निकायों की नियमित मॉनिटरिंग व्यवस्था पूरी तरह विफल नहीं मानी जानी चाहिए?


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