| सक्ती; रेत से चूनापत्थर तक मचा था खेल! खनिज विभाग की दबिश में 6 वाहन जब्त, मचा हड़कंप Aajtak24 News |
सक्ती - जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। खनिज विभाग की उड़नदस्ता टीम ने जैजैपुर और चंद्रपुर क्षेत्र में दबिश देकर अवैध रूप से खनिज परिवहन कर रहे 6 वाहनों को जब्त किया है। कार्रवाई के बाद अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देश और खनि अधिकारी श्री के. के. बंजारे के मार्गदर्शन में खनिज विभाग लगातार अवैध खनिज कारोबार पर निगरानी बनाए हुए है। इसी क्रम में गुरुवार को खनि निरीक्षक श्री टुमेश कुमार ध्रुव एवं उड़नदस्ता टीम ने जैजैपुर और चंद्रपुर क्षेत्र में संयुक्त कार्रवाई की।
खनिज विभाग के अनुसार ग्राम जैजैपुर में रेत के अवैध परिवहन के दो मामले और ईंट परिवहन का एक मामला पकड़ा गया। वहीं ग्राम चंद्रपुर में चूनापत्थर के अवैध परिवहन के तीन प्रकरण सामने आए। कार्रवाई के दौरान कुल 6 वाहनों को जब्त कर संबंधित थाना जैजैपुर और चंद्रपुर में सुरक्षित खड़ा कराया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब्त वाहनों के खिलाफ छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 और खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
खनिज विभाग की इस कार्रवाई को जिले में बढ़ते अवैध खनिज कारोबार पर अंकुश लगाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि स्थानीय स्तर पर लंबे समय से यह आरोप लगते रहे हैं कि अवैध रेत और खनिज परिवहन रात के अंधेरे में खुलेआम जारी रहता है और कई बार कार्रवाई केवल चुनिंदा मामलों तक सीमित रह जाती है। प्रशासन का दावा है कि अब अवैध खनिज कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि राजस्व हानि रोकने के साथ पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- खनिज विभाग ने 6 वाहन जब्त किए, लेकिन क्या प्रशासन यह बताएगा कि जिले में लंबे समय से चल रहे अवैध खनिज कारोबार के पीछे कौन लोग हैं और अब तक बड़े नेटवर्क पर कितनी कार्रवाई हुई है?
- अगर लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है, तो फिर अवैध रेत और चूनापत्थर परिवहन के मामले बार-बार सामने क्यों आ रहे हैं? क्या स्थानीय स्तर पर संरक्षण या मिलीभगत की आशंका से इनकार किया जा सकता है?
- जब्त वाहनों पर कार्रवाई की बात कही जा रही है, लेकिन क्या प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि इन मामलों में केवल छोटे परिवहनकर्ताओं पर नहीं बल्कि अवैध खनन से जुड़े मुख्य संचालकों और माफियाओं पर भी कठोर कार्रवाई हो?