| बारात में बवाल, एक की मौत के बाद पुलिस का एक्शन मोड—6 गिरफ्तार, 3 किशोर भी निरुद्ध Aajtak24 News |
कबीरधाम - छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में एक शादी समारोह के दौरान हुए विवाद ने गंभीर रूप ले लिया, जिसमें हुई मारपीट के बाद एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए कबीरधाम पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 3 विधि के विरुद्ध संघर्षरत किशोरों को भी निरुद्ध किया गया है। यह मामला थाना पण्डरिया क्षेत्र के ग्राम सरईसेत का है, जहां 15 अप्रैल 2026 को एक बारात कार्यक्रम के दौरान आपसी विवाद के बाद मारपीट की घटना हुई थी। इस मारपीट में मुकेश साहू (18 वर्ष), निवासी ग्राम चंदली, जिला मुंगेली गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल और अमित पटेल तथा एसडीओपी पण्डरिया भूपत सिंह धनैश्री के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने जांच के दौरान साक्ष्य, गवाहों के बयान और तकनीकी तथ्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की और त्वरित गिरफ्तारी की कार्रवाई की। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ग्राम सरईसेत निवासी कई लोग शामिल हैं, जिनमें लवेश कुमार धुर्वे, ओमप्रकाश उर्फ मोनू धुर्वे, नारायण सिंह धुर्वे, राहुल कुमार धुर्वे, अजय धुर्वे और हरेन्द्र कुमार धुर्वे के नाम शामिल हैं। सभी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है।
इसके अलावा मामले में 3 किशोरों की संलिप्तता भी सामने आई है, जिन्हें विधि के अनुसार निरुद्ध किया गया है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए और आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त सामग्री भी जब्त की है। कबीरधाम पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई कानून व्यवस्था बनाए रखने और ऐसी घटनाओं पर सख्त संदेश देने के उद्देश्य से की गई है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी सामाजिक या पारिवारिक कार्यक्रम में शांति और संयम बनाए रखें तथा विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लें, न कि हिंसा का।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सीधे सवाल
- बारात जैसे सामाजिक कार्यक्रम में इतना बड़ा विवाद कैसे हुआ और मौके पर पुलिस या स्थानीय निगरानी व्यवस्था क्यों नहीं थी?
- अगर पहले ही तनाव की स्थिति थी, तो क्या पुलिस को इस संभावित हिंसा की जानकारी थी और इसे रोकने के लिए कोई प्री-इवेंट सुरक्षा योजना क्यों नहीं बनाई गई?
- नाबालिगों की संलिप्तता सामने आने के बाद क्या प्रशासन ऐसे गांवों में युवाओं में बढ़ती हिंसा और आपराधिक प्रवृत्ति को रोकने के लिए कोई सामाजिक हस्तक्षेप योजना चला रहा है?