| भैंसों से ठुंसी पिकअप, ओडिशा का रास्ता और सुबह 5 बजे रेड—शिवरीनारायण में तस्करी गिरोह का पर्दाफाश Aajtak24 News |
जांजगीर चांपा - शिवरीनारायण पुलिस को अंतर्राज्यीय मवेशी तस्करी गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। मुखबिर की सूचना पर की गई तड़के कार्रवाई में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 15 भैंस, करीब 2.25 लाख रुपये नकद और परिवहन में इस्तेमाल हो रहे 3 पिकअप वाहन जब्त किए हैं। मामला 3 मई 2026 की सुबह करीब 5 बजे का है, जब पुलिस को सूचना मिली कि तीन पिकअप वाहनों में भैंसों को क्रूरता पूर्वक भरकर ओडिशा के बूचड़खाने ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने शिवरीनारायण क्षेत्र में राघव इन होटल के पास मुख्य मार्ग पर घेराबंदी कर संदिग्ध वाहनों—CG04QU9122, OD26F4334 और OD17T8523—को रोका।
जांच के दौरान पाया गया कि प्रत्येक पिकअप में 5-5 भैंसों को ठूंस-ठूंसकर और रस्सियों से बांधकर ले जाया जा रहा था। पूछताछ में आरोपियों ने मवेशी तस्करी की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(घ) के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
गिरफ्तार आरोपियों में मुकेश ऐडजा, राजेश मांझी, निरंजन कोलारी, रूपेश कुमार और प्रकाश राणा शामिल हैं, जो ओडिशा के बरगढ़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी हैं। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए ऑपरेशन को सफल बनाया। स्थानीय स्तर पर भी इस कार्रवाई की सराहना हो रही है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सीधे सवाल
- क्या यह गिरोह पहले से पुलिस की निगरानी में था, और अगर हां तो इतने समय तक यह सक्रिय कैसे रहा?
- जब्त किए गए वाहनों और नेटवर्क से क्या यह संकेत मिलता है कि इस तस्करी के पीछे कोई बड़ा संगठित रैकेट काम कर रहा है?
- मवेशी तस्करी के ऐसे मामलों को रोकने के लिए सीमा क्षेत्रों और हाईवे पर स्थायी निगरानी व्यवस्था कब तक लागू की जाएगी?