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| रायगढ़; किसके पास कितनी सुरक्षित दवा? रायगढ़ में 5 फर्मों की जांच से मचा हड़कंप Aajtak24 News |
रायगढ़ - छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में “सही दवा, शुद्ध आहार—यही छत्तीसगढ़ का आधार” अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सघन जांच अभियान चलाते हुए थोक औषधि विक्रेताओं पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। राज्यव्यापी 15 दिवसीय विशेष अभियान (27 अप्रैल से 11 मई 2026) के अंतर्गत सोमवार को रायगढ़ शहर में कुल 5 थोक औषधि प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान शुभ सर्जिकल (स्टेशन रोड), अंबिका इंटरप्राइजेस (रेलवे स्टेशन के पास), अमर इंटरप्राइजेस (नगर निगम कॉम्प्लेक्स), सुधीर केमिस्ट (सावित्रीनगर) और मेडिकोर (लोचन नगर) की जांच की गई। अधिकारियों ने औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 और नियम 1945 के तहत दवाओं के क्रय-विक्रय रिकॉर्ड, भंडारण व्यवस्था, वैधता और दस्तावेजों की गहन जांच की। स्वापक एवं मनःप्रभावी औषधियों के रिकॉर्ड पर विशेष ध्यान दिया गया।
प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य दवा वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना, अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना और नागरिकों को सुरक्षित व गुणवत्ता युक्त दवाएं उपलब्ध कराना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित फर्मों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंसधारी और प्रमाणित विक्रेताओं से ही दवाएं खरीदें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- क्या इस तरह के औचक निरीक्षण नियमित होंगे या यह केवल 15 दिन के अभियान तक सीमित रह जाएगा?
- जांच में अगर रिकॉर्ड या भंडारण में गड़बड़ी मिलती है तो क्या केवल नोटिस तक कार्रवाई सीमित रहेगी या लाइसेंस रद्द जैसी सख्त कार्रवाई भी होगी?
- क्या प्रशासन के पास दवाओं की सप्लाई चेन (निर्माण से खुदरा तक) की पूरी ट्रैकिंग व्यवस्था है, ताकि नकली या प्रतिबंधित दवाओं की घुसपैठ रोकी जा सके?
