| जगदलपुर; 482 आवेदन, 479 मांगें और ‘खुशियों की चाबी’: धुरागांव में सुशासन तिहार बना विकास का बड़ा मंच Aajtak24 News |
जगदलपुर - जिले के लोहण्डीगुड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम धुरागांव में आयोजित सुशासन तिहार-2026 का समाधान शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और उम्मीद दोनों का केंद्र बन गया। गुरुवार को आयोजित इस शिविर में जहां एक ओर जनसमस्याओं का निराकरण किया गया, वहीं दूसरी ओर शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को मौके पर ही लाभ भी प्रदान किया गया। शिविर में कुल 482 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 479 मांगों और 3 शिकायतों से जुड़े मामले शामिल थे। ग्रामीणों की सबसे बड़ी भागीदारी प्रधानमंत्री आवास योजना में देखने को मिली, जिसके तहत 161 आवेदन प्राप्त हुए। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 5 चयनित हितग्राहियों को उनके नए घर की “खुशियों की चाबी” सौंपकर गृह प्रवेश का अवसर प्रदान किया।
इसके अलावा उज्ज्वला गैस कनेक्शन के लिए 60, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए 46 और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा से जुड़े 40 आवेदन भी सामने आए, जो गांव में बुनियादी सुविधाओं की बढ़ती मांग को दर्शाते हैं। महिला सशक्तिकरण की दिशा में एनआरएलएम योजना के तहत 10 “लखपति दीदियों” को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए और स्वयं सहायता समूहों को बैंक ऋण के चेक देकर आर्थिक मजबूती की दिशा में कदम बढ़ाया गया।
शिविर में कई विभागों ने मौके पर लाभ वितरण किया। राजस्व विभाग ने 10 किसानों को किसान किताब प्रदान की, कृषि विभाग ने 10 हितग्राहियों को रागी बीज दिए, जबकि मत्स्य विभाग ने 2 लोगों को जाल वितरित किए। स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत 10-10 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, केसीसी और राशन कार्ड प्रदान किए गए। शिक्षा क्षेत्र में स्कूली बच्चों को 15 जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। वहीं पोषण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया और पोषण पोटली भी वितरित की गई। दिव्यांगजनों को श्रवण यंत्र प्रदान कर उन्हें सहायक उपकरणों का लाभ दिया गया।
शिविर के दौरान सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से ग्राम पंचायत को एक पानी टैंकर भी सौंपा गया, जिससे पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री बलदेव मंडावी, पूर्व विधायक श्री लच्छूराम कश्यप, जनपद पंचायत अध्यक्ष पदमा कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- 482 आवेदनों में से बड़ी संख्या आवास, गैस और शौचालय जैसी बुनियादी जरूरतों से जुड़ी है—क्या यह माना जाए कि इन गांवों में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति अभी भी पूरी तरह संतोषजनक नहीं है?
- केवल 5 हितग्राहियों को आवास की चाबी दी गई, जबकि 161 आवेदन आए—बाकी पात्र परिवारों के लिए समयसीमा और चयन प्रक्रिया क्या स्पष्ट रूप से तय है?
- लगातार शिविरों के बावजूद किसान किताब, राशन कार्ड और प्रमाण पत्र जैसे कार्यों के लिए लोगों को आवेदन करना पड़ रहा है—क्या नियमित प्रशासनिक प्रणाली पूरी तरह प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रही है?