| भिंड में सनसनीखेज हनी ट्रैप गैंग का पर्दाफाश, दो महिलाओं सहित 4 शातिर आरोपी गिरफ्तार Aajtak24 News |
भिंड - जिले की देहात थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए इलाके में सक्रिय एक बेहद शातिर 'हनी ट्रैप' गैंग का भंडाफोड़ किया है। देहात थाना प्रभारी निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं सहित गिरोह के कुल चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह सीधे-साधे और बुजुर्ग पुरुषों (विशेषकर किसानों) को अपने जाल में फंसाकर उनका अश्लील वीडियो बना लेता था और फिर समाज में बदनाम करने व झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर लाखों रुपये की वसूली करता था।
पैर दर्द का बहाना बनाकर बुजुर्ग किसान को बिछाए जाल में फंसाया
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गिरोह का शिकार बने एक पीड़ित बुजुर्ग किसान ने 27 मई 2026 को देहात थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। फरियादी ने बताया कि 23 मई 2026 को जब वह भिंड बाजार से अपने गांव लौट रहा था, तभी रास्ते में उसे एक महिला मिली। महिला ने पैर में तेज दर्द होने का नाटक किया और बुजुर्ग से मिन्नतें करते हुए उसे अपने घर तक छोड़ने की मदद मांगी। बुजुर्ग किसान इंसानियत के नाते महिला को उसके घर छोड़ने चला गया। वहां पहुंचने पर महिला ने चाय पीने का दबाव बनाया और उसे घर के अंदर ले गई। यह सब पहले से रची गई एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। जैसे ही बुजुर्ग अंदर गया, गैंग की दूसरी महिला और पुरुष सदस्यों ने उसे घेर लिया और जबरन उसका अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।
₹7 लाख की डिमांड, कहा—"खेत बेचकर लाओ रुपये"
वीडियो बनाने के बाद गिरोह के सदस्यों ने अपना असली रंग दिखाया। उन्होंने पीड़ित को धमकाया कि यदि उसने ₹7 लाख नहीं दिए, तो वे इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे और उसे बलात्कार (Rape) के झूठे केस में फंसाकर जेल भिजवा देंगे। डरे-सहमे किसान से आरोपियों ने मौके पर ही ₹5,000 नकद छीन लिए। बाकी की रकम के लिए आरोपियों ने पीड़ित पर अपना खेत बेचकर रुपये लाने का मानसिक दबाव बनाना शुरू कर दिया और जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में बनी स्पेशल टीम, घेराबंदी कर दबोचे आरोपी
मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए भिंड पुलिस अधीक्षक (SP) सूरज कुमार वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव पाठक और नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) निरंजन सिंह राजपूत ने तुरंत संज्ञान लिया। उनके मार्गदर्शन में देहात थाना प्रभारी शिवप्रताप सिंह राजावत के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों से मिली सटीक सूचना के आधार पर त्वरित घेराबंदी की और हजूरीपुरा रोड से गिरोह के चारों मुख्य आरोपियों को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम व पते:
सपना नगर (35 वर्ष) पति बबलू नगर, निवासी- जोशी नगर (गौशाला के पास), भिंड
ममता बघेल (32 वर्ष) पति किशोर बघेल, निवासी- कृष्णा नगर (हजूरीपुरा रोड), भिंड
बबूल उपाध्याय (50 वर्ष) पुत्र अशोक उपाध्याय, निवासी- महावीर नगर, भिंड
अखिलेश बघेल (26 वर्ष) पुत्र कल्याण बघेल, निवासी- हजूरीपुरा, भिंड
अन्य पीड़ितों की तलाश जारी, पुलिस टीम को मिलेगी सराहना
पुलिस पकड़े गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। अंदेशा जताया जा रहा है कि इस गिरोह ने इलाके के कई अन्य लोगों और बुजुर्गों को भी अपनी ब्लैकमेलिंग का शिकार बनाया होगा, जो लोक-लाज के डर से सामने नहीं आए। पुलिस अब ऐसे अन्य पीड़ितों को चिन्हित कर रही है। सभी आरोपियों को आवश्यक कानूनी धाराओं के तहत माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। इस अंधाधुंध और त्वरित कार्रवाई में थाना प्रभारी शिवप्रताप सिंह राजावत, उपनिरीक्षक (SI) अजय यादव, प्रमोद तोमर, विजय शिवहरे, प्रधान आरक्षक गुरुदास, रवि जादौन, आरक्षक ज्ञानेंद्र मिश्रा, फिरोज खान, अवधेश चौहान, दिलीप शाक्य, अजय सगर, अशोक यादव, गिर्राज यादव, महिला प्रधान आरक्षक कुलसमुमन भदौरिया, अपर्णा दुबे, महिला आरक्षक राधा पचौरी, किरन कुशवाह तथा साइबर सेल की अत्यंत सराहनीय और महत्वपूर्ण भूमिका रही।