इंदौर ; 3 हजार किलो आलू चिप्स का भंडार, बिना लाइसेंस चल रहा उद्योग सील Aajtak24 News

इंदौर ; 3 हजार किलो आलू चिप्स का भंडार, बिना लाइसेंस चल रहा उद्योग सील Aajtak24 News

इंदौर - इंदौर में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने मिलावट और बिना पंजीयन चल रहे खाद्य कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक इकाई का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया। कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के निर्देश पर जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम लगातार निरीक्षण अभियान चला रही है।इसी अभियान के तहत राऊ स्थित 4/227 रमापति विहार में मेसर्स नीलकंठ गृह उद्योग का निरीक्षण किया गया, जहां मौके पर लगभग 3000 किलोग्राम कच्चे आलू चिप्स और आलू लच्छा मानव उपभोग के लिए भंडारित पाया गया। जांच में सामने आया कि इस इकाई के पास कोई वैध खाद्य पंजीयन नहीं था।

मौके पर मौजूद प्रभारी मुकेश कुरोची ने बताया कि उत्पाद सिमरोल रोड, सुतारखेड़ी (महू) स्थित फैक्ट्री में तैयार किए जाते हैं। हालांकि निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान की प्रोपराइटर श्रीमती संतोष अग्रवाल मौजूद पाई गईं। स्थिति को गंभीर मानते हुए अधिकारियों ने मौके से आलू चिप्स और लच्छा के कुल 5 नमूने जांच के लिए जब्त किए। बिना पंजीयन खाद्य कारोबार संचालित करने पर प्रथम दृष्टया प्रकरण दर्ज किया गया और वैध पंजीयन प्राप्त होने तक पूरी इकाई की खाद्य गतिविधियां बंद करा दी गईं। इसके अलावा शहर में अन्य खाद्य इकाइयों पर भी कार्रवाई की गई। लक्ष्मीबाई नगर स्थित श्री लक्ष्मी प्रोडक्ट का निरीक्षण किया गया, जहां फ्रोजन डेजर्ट (बटरस्कॉच, पिस्ता और वनीला) के 3 नमूने लिए गए। यहां साफ-सफाई और स्टोरेज व्यवस्था संतोषजनक पाई गई।

वहीं कैट रोड स्थित श्री बालाजी आइसक्रीम इकाई पर निरीक्षण के दौरान आइसक्रीम, कुल्फी और फ्लेवर कैंडी के 4 नमूने जांच के लिए लिए गए। अधिकारियों ने पाया कि परिसर में विभिन्न प्रकार के फ्रोजन उत्पाद तैयार किए जा रहे थे। पालदा क्षेत्र में गणेश ऑयल इंडिया का भी निरीक्षण किया गया, जहां सोयाबीन तेल के 2 नमूने जांच हेतु संग्रहित किए गए। सभी नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित इकाइयों के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि मिलावट और बिना अनुमति चल रहे खाद्य कारोबार पर सख्त निगरानी जारी रहेगी और किसी भी तरह की लापरवाही या नियम उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. 3000 किलो खाद्य सामग्री बिना पंजीयन के तैयार और स्टोर हो रही थी, क्या यह लंबे समय से चल रहा था? यदि हां, तो पहले निरीक्षण क्यों नहीं हुआ?
  2. जब इकाई की प्रोपराइटर मौजूद थीं, तो बिना लाइसेंस संचालन कैसे चलता रहा और जिम्मेदार निगरानी अधिकारी किन परिस्थितियों में इसकी जानकारी से अनजान रहे?
  3. नमूने जांच के लिए भेज दिए जाते हैं, लेकिन क्या मिलावट या अनियमितता साबित होने तक ऐसे उद्योगों पर स्थायी निगरानी और सख्त दंडात्मक कार्रवाई की कोई मजबूत व्यवस्था है?

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