सिवनी; गेहूं खरीदी पर सख्ती: 23 मई डेडलाइन, प्रभारी कलेक्टर ने दी अंतिम चेतावनी Aajtak24 News

सिवनी; गेहूं खरीदी पर सख्ती: 23 मई डेडलाइन, प्रभारी कलेक्टर ने दी अंतिम चेतावनी Aajtak24 News

सिवनी - जिले में चल रहे गेहूं उपार्जन कार्यों को समयसीमा में पूरा करने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रभारी कलेक्टर अनिल कुमार राठौर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला उपार्जन समिति की बैठक लेकर खरीदी प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 23 मई तक सभी किसानों की गेहूं खरीदी हर हाल में पूरी की जाए। बैठक में अपर कलेक्टर सीएल चनाप, जिला उपार्जन समिति के सदस्य, सभी उपार्जन केंद्र प्रभारी, परिवहनकर्ता और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने पंजीकृत किसानों से प्राप्त गेहूं की मात्रा, स्लॉट बुकिंग की स्थिति और केंद्रवार प्रगति की जानकारी ली।

प्रभारी कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन किसानों ने स्लॉट बुकिंग करा ली है, उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि उपार्जन केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को लंबी कतारों या अव्यवस्था का सामना न करना पड़े। उन्होंने पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था, तौल प्रक्रिया और परिवहन व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर राठौर ने उपार्जित गेहूं के त्वरित उठाव और सुरक्षित भंडारण पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने परिवहनकर्ताओं को नियमित रूप से उठाव सुनिश्चित करने और केंद्रों पर अनावश्यक स्टॉक जमा न होने देने के निर्देश दिए। बैठक में किसानों के भुगतान की प्रक्रिया समय पर पूरी करने, समन्वय मजबूत रखने और बारिश की संभावना को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि उपार्जन केंद्रों पर तिरपाल, जल निकासी और सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए ताकि किसानों की उपज किसी भी प्रकार के नुकसान से सुरक्षित रहे। बैठक में बारदाने की उपलब्धता, केंद्रवार प्रगति और दैनिक मॉनिटरिंग की भी समीक्षा की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि उपार्जन कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. 23 मई की डेडलाइन तय की गई है—क्या सभी उपार्जन केंद्रों पर वास्तविक क्षमता के अनुसार काम हो पा रहा है या अंतिम समय में दबाव बढ़ने से किसानों को परेशानी हो सकती है?
  2. स्लॉट बुकिंग सिस्टम के बावजूद कई जिलों में किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ता है—क्या सिवनी में यह सिस्टम पूरी तरह सुचारु और पारदर्शी तरीके से काम कर रहा है?
  3. बारिश की चेतावनी के बीच उपार्जित गेहूं के भंडारण की व्यवस्था पर जोर दिया गया है—क्या सभी केंद्रों पर पर्याप्त तिरपाल, गोदाम और सुरक्षा व्यवस्था वास्तव में उपलब्ध है?

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