
छिंदवाड़ा–पांढुर्णा के पशु चिकित्सकों की मासिक समीक्षा में डॉ. पक्षवार ने दिए कड़े निर्देश Aajtak24 News
छिंदवाड़ा - छिंदवाड़ा में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें एच.जी.एस. पक्षवार ने विभागीय योजनाओं और कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में पांढुर्णा जिले के पशु चिकित्सक भी शामिल रहे। बैठक का आयोजन कलेक्टर कार्यालय के एनआईसी सभाकक्ष में किया गया, जहां उपसंचालक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पशु चिकित्सक मुख्यालय पर निवास करें और “सार्थक ऐप” पर नियमित उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने निर्देश दिया कि प्रतिदिन सुबह 9 बजे चेक-इन और शाम 4 बजे चेक-आउट अनिवार्य रूप से किया जाए। आउट ऑफ लोकेशन या समय से पहले चेक-आउट की स्थिति में केवल वास्तविक उपस्थिति वाले दिनों का ही वेतन दिया जाएगा। डॉ. पक्षवार ने चेतावनी दी कि प्रमुख सचिव के निर्देशों के अनुसार यदि गलत उपस्थिति दर्ज कर वेतन आहरण किया गया तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड के तहत केपीआई (KPI) डेटा नियमित रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए, जिसमें टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, केसीसी और अन्य योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा गौशालाओं में बधियाकरण, नस्ल सुधार, एफएमडी टीकाकरण, राष्ट्रीय गोकुल मिशन, किसान कल्याण वर्ष 2026 और अन्य पशुपालन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर लक्ष्य समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- क्या “सार्थक ऐप” पर उपस्थिति प्रणाली लागू होने के बाद फील्ड वर्क की वास्तविक गुणवत्ता और सेवाओं में सुधार का कोई स्वतंत्र मूल्यांकन किया गया है?
- यदि अनुपस्थिति या गलत लोकेशन पर वेतन रोकने की बात है, तो क्या ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क और तकनीकी समस्याओं को भी ध्यान में रखा गया है?
- पशुपालन योजनाओं के इतने बड़े लक्ष्य तय होने के बावजूद क्या जमीनी स्तर पर किसानों और पशुपालकों तक उनका वास्तविक लाभ पहुंच पा रहा है?