मुरैना; सिर्फ खेल नहीं, ‘नई पीढ़ी’ गढ़ने की तैयारी: मुरैना में शुरू होगा मिशन ‘आरोह-2026 Aajtak24 News

मुरैना; सिर्फ खेल नहीं, ‘नई पीढ़ी’ गढ़ने की तैयारी: मुरैना में शुरू होगा मिशन ‘आरोह-2026 Aajtak24 News

मुरैना - जिले में युवाओं को खेल, फिटनेस और सामाजिक जागरूकता से जोड़ने के उद्देश्य से ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर “आरोह-2026” की तैयारियां तेज हो गई हैं। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में शिविर को केवल खेल प्रतियोगिता नहीं बल्कि युवाओं के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास का अभियान बनाने पर जोर दिया गया। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि “आरोह-2026” का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाना, उनकी शारीरिक और मानसिक क्षमता को मजबूत करना तथा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उनकी प्रोफाइलिंग करना है। उन्होंने कहा कि यह शिविर युवाओं को अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना सिखाने का मंच बनेगा।

प्रशासन ने इस बार शिविर को पारंपरिक खेल प्रशिक्षण से आगे ले जाकर सामाजिक सरोकारों से जोड़ने की रणनीति बनाई है। शिविर में नशामुक्ति, साइबर सुरक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि इससे युवाओं को सकारात्मक दिशा देने में मदद मिलेगी। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आत्मरक्षा प्रशिक्षण को भी शिविर का अहम हिस्सा बनाया गया है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बालिकाओं के लिए विशेष सेल्फ डिफेंस सत्र आयोजित किए जाएं, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपनी सुरक्षा कर सकें।

बैठक में प्रतिभागियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर भी विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि शिविर स्थल पर पेयजल, ओआरएस, मेडिकल किट और प्राथमिक उपचार की समुचित व्यवस्था रहे, ताकि गर्मी के मौसम में प्रतिभागियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। प्रशासन ने अधिकतम युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न विभागों के माध्यम से प्रचार-प्रसार बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि “आरोह-2026” केवल खेल प्रतिभाओं को निखारने का मंच नहीं होगा, बल्कि यह युवाओं को फिट और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में भी काम करेगा। बैठक में जिला पंचायत सीईओ कमलेश कुमार भार्गव, खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी प्रशांत कुशवाह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. “आरोह-2026” को युवाओं के सर्वांगीण विकास का मंच बताया जा रहा है, लेकिन क्या प्रशासन के पास ऐसा कोई डेटा है कि पिछले खेल शिविरों से कितने खिलाड़ियों को वास्तविक स्तर पर अवसर मिला?
  2. ग्रामीण क्षेत्रों के कई खेल मैदान खुद बदहाल स्थिति में हैं, ऐसे में क्या केवल शिविर आयोजित करने से खेल संस्कृति विकसित हो पाएगी?
  3. युवाओं को नशामुक्ति और साइबर सुरक्षा का प्रशिक्षण देने की बात हो रही है, लेकिन क्या इसके लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षकों और दीर्घकालिक फॉलोअप की भी कोई ठोस योजना है?

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