बीजापुर में तेंदूपत्ता सीजन 2026 हेतु कार्यशाला सम्पन्न, समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण संग्रहण पर जोर Aajtak24 News

बीजापुर में तेंदूपत्ता सीजन 2026 हेतु कार्यशाला सम्पन्न, समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण संग्रहण पर जोर Aajtak24 News

बीजापुर - जिले में तेंदूपत्ता सीजन 2026 की तैयारियों को लेकर बांसागार डिपो में एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य नवीन तेंदूपत्ता नीति के तहत संग्रहण, उपचारण, परिवहन एवं भंडारण की प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना तथा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना रहा। कार्यशाला में कलेक्टर संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव, वनमण्डलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक आर.के. जांगड़े, उप निदेशक इंद्रावती टाइगर रिजर्व संदीप बलगा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जिला यूनियन के प्रतिनिधि, फड़ अभिरक्षक और फड़मुंशी उपस्थित रहे।

वनमण्डलाधिकारी आर.के. जांगड़े ने वर्तमान मौसम और पत्तों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए परिपक्व तेंदूपत्तों के शीघ्र संग्रहण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय पर संग्रहण से न केवल पत्तों की गुणवत्ता बनी रहती है, बल्कि उपचारण कार्य में भी विलंब नहीं होता। इसके साथ ही उन्होंने उन संग्राहकों के बैंक खाते खुलवाने के निर्देश दिए जिनके खाते अभी तक नहीं हैं, ताकि भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाया जा सके। उप निदेशक संदीप बलगा ने सभी संबंधित कर्मियों को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने और संग्रहण कार्य में लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। उन्होंने पारिश्रमिक का भुगतान सीधे बैंक खातों के माध्यम से शीघ्र करने पर जोर दिया, जिससे संग्राहकों को समय पर आर्थिक लाभ मिल सके।

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जोगेश्वर कौशल ने तेंदूपत्ता संग्रहण अवधि को सीमित बताते हुए निर्धारित समय के भीतर संग्रहण से लेकर भंडारण तक की पूरी प्रक्रिया को पूर्ण करने की आवश्यकता पर बल दिया। पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव ने पिछले वर्ष संग्रहण में आई कमी का उल्लेख करते हुए इस वर्ष अधिक से अधिक तेंदूपत्ता तोड़ाई करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कार्यरत संग्राहकों को किसी भी प्रकार की समस्या या दबाव की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचित करना चाहिए, ताकि उन्हें हर संभव सुरक्षा और सहयोग प्रदान किया जा सके।

कलेक्टर संबित मिश्रा ने तेंदूपत्ता को जिले के लोगों की आजीविका का प्रमुख साधन बताते हुए कहा कि पिछले वर्ष कम संग्रहण से हुए नुकसान को ध्यान में रखते हुए इस बार अधिक मात्रा में और बेहतर गुणवत्ता वाले पत्तों का संग्रहण सुनिश्चित किया जाए। कार्यशाला में उपवनमण्डलाधिकारी पी.के. नेताम ने संग्रहण से लेकर स्थायी गोदाम तक की पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पत्तों की सही पहचान, गड्डी बंधाई, बोराभराई तथा अभिलेख संधारण के संबंध में व्यवहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया।

कार्यक्रम के अंत में उपवनमण्डलाधिकारी देवेन्द्र गौड़ ने सभी उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। इस कार्यशाला के माध्यम से तेंदूपत्ता सीजन 2026 को सफल, व्यवस्थित और लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।



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