| निवाड़ी; कोर्ट का आदेश भी बेअसर! जुगयाई में 2022 से खड़ा अवैध निर्माण, प्रशासन आखिर कब जागेगा? |
निवाड़ी - जिले की ग्राम पंचायत जुगयाई में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। मामला गांव में बने एक अवैध निर्माण भवन का है, शासक हाईस्कूल जुगयाई के मैदान में बना एक भवन जिसे हटाने के लिए वर्ष 2022 में कोर्ट का आदेश जारी हुआ, लेकिन हैरानी की बात यह है कि चार साल बाद भी भवन अपनी जगह पर जस का तस खड़ा है और जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ फाइलें पलटते नजर आ रहे हैं। गांव के लोगों का कहना है कि जब न्यायालय ने स्पष्ट आदेश दे दिया, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या कोर्ट के आदेश भी अब सरकारी दफ्तरों में सिर्फ कागज बनकर रह गए हैं? जुगयाई में यह सवाल अब खुलकर उठने लगा है।
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक कई बार पंचायत से लेकर तहसील और जिला प्रशासन तक शिकायतें पहुंचीं, लेकिन नतीजा हर बार वही—“देखते हैं”, ”, “कार्रवाई करेंगे”। उधर अवैध निर्माण लगातार खड़ा है और प्रशासनिक कार्रवाई आज तक दिखाई नहीं दी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अदालत का आदेश मौजूद है, फिर भी कार्रवाई नहीं हो रही तो आखिर जिम्मेदार कौन है? क्या प्रशासन किसी दबाव में है? या फिर मामला जानबूझकर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया?
ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि अगर आम आदमी नियम तोड़े तो तुरंत नोटिस और कार्रवाई होती है, लेकिन बड़े मामलों में प्रशासन की रफ्तार कछुए से भी धीमी क्यों हो जाती है? अब पूरे इलाके की नजर जिला प्रशासन पर है। लोग जानना चाहते हैं कि जुगयाई में खड़ा यह अवैध निर्माण आखिर कब हटेगा? और कोर्ट के आदेश का सम्मान कब होगा?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही—
“क्या जुगयाई में न्यायालय के आदेश से ऊपर है प्रशासन की चुप्पी?”