डिंडोरी; अब सिगरेट-तम्बाकू पर सख्ती तय… 200 रुपये जुर्माने से लेकर स्कूलों के 100 गज दायरे तक कड़ा नियम लागू Aajtak24 News

डिंडोरी; अब सिगरेट-तम्बाकू पर सख्ती तय… 200 रुपये जुर्माने से लेकर स्कूलों के 100 गज दायरे तक कड़ा नियम लागू Aajtak24 News

डिंडोरी - नगर पालिका परिषद के सभागार में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग और नगर पालिका विभाग के संयुक्त तत्वावधान में तम्बाकू नियंत्रण कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम तथा सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा-2003) के प्रावधानों के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री अमित तिवारी ने की, जबकि जिला नोडल अधिकारी डॉ. धर्मवीर मार्को विशेष रूप से उपस्थित रहे। एमपीवीएचए के संभागीय समन्वयक श्री रोहित पालीवाल ने प्रशिक्षण में तम्बाकू सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हर साल देश में लगभग 13 से 14 लाख लोगों की मौत तम्बाकू उत्पादों के सेवन के कारण होती है, जो एक गंभीर जनस्वास्थ्य संकट है।

प्रशिक्षण में कोटपा-2003 के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी गई। इसके तहत धारा 4 में सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पूरी तरह प्रतिबंधित है और उल्लंघन पर जुर्माने का प्रावधान है। धारा 5 में तम्बाकू उत्पादों के विज्ञापन और प्रचार-प्रसार पर रोक लगाई गई है। वहीं धारा 6 (अ) के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु के लोगों को तम्बाकू उत्पाद बेचना प्रतिबंधित है। धारा 6 (ब) में शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तम्बाकू बिक्री पर रोक है।

इसके अलावा धारा 7 के तहत तम्बाकू उत्पादों पर स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी और चित्रमय संदेश प्रदर्शित करना अनिवार्य बताया गया। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि राज्य में हुक्का बार का संचालन प्रतिबंधित है और इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट पर भी पूर्ण प्रतिबंध लागू है। कार्यक्रम के अंत में मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि तम्बाकू नियंत्रण कानून का सख्ती से पालन कराया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। 

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान और तम्बाकू बिक्री पर नियम तो हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका पालन कितना प्रभावी है और कितनी नियमित कार्रवाई होती है?
  2. स्कूलों के 100 गज दायरे में तम्बाकू बिक्री पर रोक के बावजूद कई जगहों पर दुकानें चल रही हैं, क्या निगरानी तंत्र में कोई कमजोरी है?
  3. हुक्का बार और इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट पर प्रतिबंध होने के बावजूद इनके अवैध उपयोग की शिकायतें आती हैं, तो क्या विभाग के पास कोई स्थायी निगरानी और छापामार प्रणाली है?

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