मंडला; कलेक्टर खुद पहुंचे गांव के चौपाल में… वादे पूरे होते ही ग्रामीणों के चेहरे खिले Aajtak24 News

मंडला; कलेक्टर खुद पहुंचे गांव के चौपाल में… वादे पूरे होते ही ग्रामीणों के चेहरे खिले Aajtak24 News

मंडला - जिले में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच भरोसे की तस्वीर उस समय देखने को मिली जब कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे स्वयं दूरस्थ ग्राम किकरिया के इंदल टोला पहुंचे और चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। यह दौरा कोई औपचारिक निरीक्षण नहीं बल्कि पहले दिए गए वादे की पूर्ति था। पिछली जनसुनवाई में किकरिया के ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचे थे, जहां कलेक्टर ने स्वयं गांव आकर समस्याएं सुनने का आश्वासन दिया था। उसी भरोसे को निभाते हुए वे पूरे प्रशासनिक अमले के साथ गांव पहुंचे।

गांव में मंदिर परिसर में आयोजित चौपाल में कलेक्टर ने सीधे ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी मूलभूत समस्याओं की जानकारी ली। चर्चा के दौरान तीन प्रमुख मुद्दे सामने आए, जिनमें राशन वितरण, बिजली समस्या और हितग्राही योजनाओं से जुड़ी परेशानियां शामिल थीं। सबसे बड़ी समस्या राशन दुकान तक पहुंचने की थी। ग्रामीणों ने बताया कि कूम्हा स्थित दुकान तक आने-जाने में काफी कठिनाई होती है। इस पर कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि अब अगले महीने से गांव में ही वाहन के माध्यम से राशन पहुंचाया जाएगा, जिससे लोगों को राहत मिलेगी।

विद्युत आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों पर कलेक्टर ने विद्युत वितरण कंपनी से तत्काल चर्चा कर समाधान कराने के निर्देश दिए। वहीं पात्रता पर्ची, मछुआ कार्ड और नामांतरण जैसे मामलों के शीघ्र निराकरण के आदेश भी दिए गए।चौपाल में मौजूद निवास विधायक चैनसिंह वरकड़े ने बताया कि कूम्हा तिराहे से इंदल टोला तक प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा, जिससे गांव की कनेक्टिविटी में सुधार आएगा।

इसके अलावा जल प्रदाय योजना, मत्स्य पालन, आबादी पट्टे और जर्जर स्कूल भवन जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने ग्रामीण महिलाओं को मत्स्य पालन और अन्य आजीविका योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकें। चौपाल में सहायक कलेक्टर, तहसीलदार, जनपद सीईओ, सरपंच, पटवारी और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। गांव में प्रशासन की मौजूदगी और समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई से ग्रामीणों में उत्साह और संतोष देखा गया।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. हर बार कलेक्टर स्तर पर दौरे और चौपाल के बाद समाधान दिखाई देता है, लेकिन क्या स्थायी रूप से ग्रामीण शिकायत निवारण की कोई नियमित व्यवस्था विकसित की जा रही है?
  2. राशन जैसी बुनियादी सुविधा को अब वाहन के जरिए गांव तक पहुंचाने की जरूरत क्यों पड़ी, क्या पहले की वितरण व्यवस्था में गंभीर खामियां थीं?
  3. सड़क और अन्य स्वीकृत परियोजनाएं वर्षों तक लंबित क्यों रहती हैं, और क्या उनकी समय-सीमा तय कर जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी?

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