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| नरसिंहपुर; 50 एकड़ जमीन पर अब रोजगार की नई खेती… कलेक्टर ने महिलाओं को दी आत्मनिर्भरता की राह Aajtak24 News |
नरसिंहपुर - जिले में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक और कदम बढ़ाया है। बुधवार को कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने पचामा-श्रीनगर स्थित आजीविका मिशन द्वारा निर्मित सामुदायिक प्रशिक्षण केंद्र का भ्रमण किया और स्व-सहायता समूह की महिलाओं से सीधे संवाद किया। भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने महिलाओं से उनकी आजीविका गतिविधियों, आय के स्रोत और समूह आधारित कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है और परिवार की आय में स्थायी सुधार संभव है।
कलेक्टर ने ग्राम पंचायत श्रीनगर में हाल ही में अतिक्रमण मुक्त कराई गई 50 एकड़ भूमि का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि इस भूमि का उपयोग समूह आधारित आर्थिक गतिविधियों के लिए किया जाए। इसके तहत डेयरी और पशुपालन, नर्सरी विकास, सब्जी उत्पादन और उद्यानिकी जैसी योजनाएं शुरू करने पर जोर दिया गया, ताकि महिलाओं की आय के नए स्रोत विकसित हो सकें। संवाद के दौरान महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि वे दोना-पत्तल निर्माण मशीन, किराना दुकान और मनिहारी जैसे छोटे व्यवसायों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की कोशिश कर रही हैं। कलेक्टर ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि छोटे-छोटे उद्यम ही ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक मजबूती दे सकते हैं।
सीईओ जिला पंचायत श्री गजेन्द्र सिंह नागेश ने इस दौरान स्व-सहायता समूहों को गौशाला संचालन से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे गौवंश के बेहतर रखरखाव के साथ-साथ समूहों को नियमित आय का स्रोत भी प्राप्त होगा। भ्रमण के दौरान आजीविका मिशन, कृषि विभाग और आत्मा परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने भी महिलाओं को विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और उन्हें तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- 50 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित गतिविधियों को धरातल पर लाने के लिए स्पष्ट समय-सीमा और बजट योजना क्या है?
- स्व-सहायता समूहों को लंबे समय तक टिकाऊ आय दिलाने के लिए क्या बाजार से जुड़ाव और बिक्री की गारंटी भी सुनिश्चित की जा रही है?
- गौशाला और अन्य योजनाओं से जोड़ी जा रही महिलाओं की आय कितनी नियमित और स्थायी होगी, या यह केवल अस्थायी प्रशिक्षण और गतिविधि तक सीमित रह जाएगी?
