बैतूल; युवाओं के रोजगार पर कलेक्टर का बड़ा एक्शन… बोले- योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी Aajtak24 News

बैतूल; युवाओं के रोजगार पर कलेक्टर का बड़ा एक्शन… बोले- योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी Aajtak24 News

बैतूल - कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में आयोजित जिला उद्योग केंद्र (DIC) की समीक्षा बैठक में स्वरोजगार योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने कहा कि पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ तय समयसीमा में और पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचना चाहिए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने कहा कि स्वरोजगार योजनाएं युवाओं और जरूरतमंद वर्ग के लिए आय सृजन का मजबूत माध्यम हैं। उन्होंने लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने, हितग्राहियों के चयन में पारदर्शिता बनाए रखने और बैंकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक लोगों तक लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।

बैठक में उद्यानिकी, जिला व्यापार एवं उद्योग विभाग, नगर पालिका, आईटीआई और कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, एमएसएमई योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ब्याज अनुदान, स्वीकृत प्रकरणों की मॉनिटरिंग और जिले में पंजीकृत उद्योगों की अद्यतन स्थिति की जानकारी भी अधिकारियों से ली। उद्योग स्थापना के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश देते हुए कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने उड़दन, कोलगांव और मोरडोंगरी क्षेत्र में प्रस्ताव तैयार करने को कहा। वहीं प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के अंतर्गत अनुदान सहायता और लक्ष्य पूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

ट्राईबल विभाग की बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना और टंट्या मामा आर्थिक सहायता योजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सीए प्रोजेक्ट के नाम पर हितग्राहियों से ली जाने वाली अनावश्यक राशि को तत्काल बंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के लाभार्थियों पर किसी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डाला जाएगा। इस संबंध में बैंक एलडीएम को सभी बैंकों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने को कहा गया। बैठक में जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति के अंतर्गत संचालित संत रविदास स्वरोजगार योजना, डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना और सावित्री बाई फुले स्व-सहायता समूह योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने लक्ष्य अनुरूप कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

आईटीआई योजनाओं की समीक्षा के दौरान कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने कहा कि युवाओं को उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि प्रशिक्षण के बाद उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के अंतर्गत पंजीयन और कन्वर्जन डेटा की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में कृषि और पशुपालन विभाग की योजनाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशासन का कहना है कि जिले में स्वरोजगार और कौशल विकास योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. अगर योजनाओं में पारदर्शिता पहले से थी, तो फिर हितग्राहियों से “सीए प्रोजेक्ट” के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूले जाने की शिकायतें कैसे सामने आईं?
  2. स्वरोजगार योजनाओं के हजारों आवेदन लंबित रहने के पीछे क्या केवल बैंक जिम्मेदार हैं या विभागीय स्तर पर भी लापरवाही हुई है?
  3. कौशल प्रशिक्षण के बाद भी बड़ी संख्या में युवा बेरोजगार क्यों हैं? क्या प्रशासन के पास यह आंकड़ा है कि प्रशिक्षण लेने वाले कितने युवाओं को वास्तव में रोजगार मिला?

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