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| अशोकनगर; 196 फरियादें और सिस्टम पर सवाल! अशोकनगर जनसुनवाई में खुलीं गांवों की जमीनी परेशानियां Aajtak24 News |
अशोकनगर - साकेत मालवीय की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में जिलेभर से आए लोगों ने अपनी समस्याओं का अंबार प्रशासन के सामने रख दिया। जनसुनवाई में कुल 196 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें पंचायत, राजस्व, सड़क, पेंशन, बिजली, पानी, प्रधानमंत्री आवास और सीमांकन से जुड़े मामले प्रमुख रहे। कलेक्टर ने एक-एक आवेदक की समस्या सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहित के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर आवेदन का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
जनसुनवाई में ग्रामीण क्षेत्रों से आए कई मामलों ने स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल भी खोल दी। ग्राम भातपुरा निवासी कैलाश गुर्जर ने शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की, जबकि ग्राम मुंगावली निवासी जानकी प्रसाद प्रजापति और ग्राम महाना निवासी हिरिया बाई ने सीमांकन नहीं होने की शिकायत रखी। वहीं वार्ड क्रमांक-05 मुंगावली निवासी सुखदेव सिंह और ग्राम बामोरी निवासी भागीरथ लोधी ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने की समस्या उठाई। ग्राम ढुंडेर निवासी कल्याण यादव ने संबल कार्ड बनवाने और ग्राम पिपरेसरा निवासी लालू जाटव ने राजस्व नकल दिलाने की मांग रखी।
जनसुनवाई में स्वास्थ्य और आर्थिक सहायता से जुड़े मामले भी सामने आए। अशोकनगर निवासी कमलेश रजक ने कैंसर उपचार के लिए आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत कराने की मांग की। इसके अलावा कई लोगों ने आधार कार्ड अपडेट, नामांतरण, बोर चालू कराने और बीपीएल कार्ड बनवाने से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज कराईं। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का निराकरण तय समय-सीमा में किया जाए और आमजन को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। कई मामलों में मौके पर ही समाधान भी किया गया, जिससे कुछ आवेदकों को तत्काल राहत मिली।
हालांकि इतनी बड़ी संख्या में मूलभूत समस्याओं का जनसुनवाई तक पहुंचना स्थानीय स्तर की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सीमांकन, आवास और पेंशन जैसी समस्याएं लगातार सामने आना प्रशासनिक ढांचे की धीमी गति को उजागर करता है। इस दौरान राजेश जैन, डी एन सिंह, आर.बी. सिंडोस्कर, सोनम जैन और शुभ्रता त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- जब हर जनसुनवाई में सीमांकन, आवास और पेंशन जैसी बुनियादी समस्याएं सामने आ रही हैं, तो संबंधित विभाग गांव स्तर पर समाधान क्यों नहीं कर पा रहे?
- प्रधानमंत्री आवास और बीपीएल जैसी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को अब तक लाभ क्यों नहीं मिला, और इसके लिए जिम्मेदार कौन है?
- क्या प्रशासन यह सार्वजनिक करेगा कि पिछली जनसुनवाईयों में मिले कितने आवेदन आज भी लंबित हैं और किन अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है?
