बड़वानी; कलेक्टर का अल्टीमेटम, 15 दिन में सुधार नहीं तो ठेकेदारों पर गिरेगी गाज Aajtak24 News

 बड़वानी; कलेक्टर का अल्टीमेटम, 15 दिन में सुधार नहीं तो ठेकेदारों पर गिरेगी गाज Aajtak24 News

बड़वानी - शहरों के विकास कार्यों में देरी, कमजोर गुणवत्ता और धीमी प्रगति पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह की अध्यक्षता में आयोजित शहरी विकास अभिकरण विभाग की समीक्षा बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण काम नहीं हुआ तो ठेकेदारों और कार्य एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्ट्रेट सभागृह में आयोजित बैठक में जिले के सभी नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शासकीय धन का उपयोग परिणाम आधारित होना चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा के दौरान लक्ष्य पूर्ति कमजोर मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और तीन मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री संबल योजना के तहत पंजीयन और सहायता प्रकरणों को तेजी से निपटाने को कहा गया। कायाकल्प योजना 1 और 2 के अंतर्गत स्वीकृत सड़क और आधारभूत ढांचे के कार्यों पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए गए कि गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। बड़वानी शहर में निर्माणाधीन सड़क कार्यों की गुणवत्ता जांच के लिए पीओ डूडा को मौके पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में सीवरेज निर्माण कार्यों की धीमी गति को लेकर भी नाराजगी जताई गई। संबंधित एजेंसी को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए सुधार नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत 2.0 और शहरी अधोसंरचना विकास योजना की समीक्षा करते हुए पेयजल, स्वच्छता और जन शिकायतों के त्वरित समाधान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. यदि विकास कार्यों की गुणवत्ता और गति पहले से तय मानकों के अनुरूप नहीं थी, तो संबंधित एजेंसियों के भुगतान और निगरानी प्रक्रिया अब तक कैसे चलती रही?

2. तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की बात हुई— क्या समीक्षा के बाद कार्रवाई की स्थिति भी सार्वजनिक की जाएगी?

3. सीवरेज और सड़क निर्माण जैसे कार्यों में देरी से जनता को हो रही असुविधा का आकलन किया गया है या केवल निर्माण प्रगति प्रतिशत को ही आधार माना जा रहा है?

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