| दुर्ग; अब शिकायत फाइलों में नहीं अटकेगी? दुर्ग में 1076 हेल्पलाइन पर प्रशासन का बड़ा दांव Aajtak24 News |
दुर्ग - आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान के उद्देश्य से शुरू की जा रही सीएम हेल्पलाइन और शिकायत प्रबंधन प्रणाली को लेकर दुर्ग जिले में जिला स्तरीय अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि ब्लॉक स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। बैठक के दौरान बताया गया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से प्रदेश का कोई भी नागरिक अपनी शिकायत या आवेदन दर्ज करा सकेगा। यह सेवा 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध रहेगी।
प्रशिक्षण में अधिकारियों को बताया गया कि शिकायत दर्ज होने के बाद शिकायतकर्ता को एक टोकन संख्या जारी की जाएगी, जिससे वह अपनी शिकायत की स्थिति ट्रैक कर सकेगा। संबंधित विभाग को निर्धारित समय-सीमा के भीतर समाधान करना होगा। यदि शिकायत गलत विभाग में पहुंचती है तो उसे तीन दिनों के भीतर संबंधित विभाग को भेजना होगा।
प्रस्तुतीकरण के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि शिकायत के समाधान के बाद संबंधित नागरिक से फीडबैक लिया जाएगा। यदि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं होता है तो मामला दोबारा सक्रिय हो सकेगा। पूरी व्यवस्था तकनीक आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम से संचालित होगी और विभिन्न स्तरों पर जवाबदेही तय की जाएगी।
कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शासन और जनता के बीच एक मजबूत सेतु की भूमिका निभा सकती है। उनके अनुसार इससे लोगों को विभागों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे और शिकायतों के निराकरण में पारदर्शिता तथा जवाबदेही बढ़ेगी।
बैठक में अधिकारियों को यह भी बताया गया कि शिकायत दर्ज करने के लिए टोल फ्री नंबर के अलावा वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप जैसे माध्यमों का भी उपयोग किया जा सकेगा। इस व्यवस्था की निगरानी वरिष्ठ स्तर पर की जाएगी ताकि शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. यदि कोई विभाग तय समय-सीमा में शिकायत का निराकरण नहीं करता, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करने का स्पष्ट तंत्र क्या होगा?
2. शिकायतकर्ता के असंतुष्ट होने पर शिकायत दोबारा सक्रिय होगी—लेकिन ऐसी स्थिति में अधिकतम कितनी बार पुनः परीक्षण की व्यवस्था है?
3. सीएम हेल्पलाइन शुरू होने के बाद क्या पुराने लंबित जनदर्शन, पीजी पोर्टल और अन्य शिकायत मामलों को भी इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा या वे अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर ही चलेंगे?