![]() |
| जवानों की सुरक्षा सर्वोपरि; एसपी किरण चव्हाण ने बांटे 1050 हेलमेट Aajtak24 News |
सुकमा - नक्सल मोर्चे पर लोहा लेने वाले जवानों की सुरक्षा अब केवल जंग के मैदान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सड़क पर भी उनकी जान सुरक्षित रहे, इसके लिए सुकमा पुलिस ने एक बड़ी पहल की है। पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण ने जिला मुख्यालय स्थित पुराने एसपी ऑफिस नक्सल सेल में डीआरजी (DRG) जवानों को 1050 हेलमेट वितरित किए। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जवानों के बीच यातायात नियमों के प्रति जागरूकता पैदा करना और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को रोकना है।
"महंगी गाड़ियां खरीदीं, पर हेलमेट क्यों नहीं?" – एसपी का सीधा सवाल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसपी किरण चव्हाण ने जवानों को अपनी सुरक्षा के प्रति गंभीर होने की नसीहत दी। उन्होंने कहा, "अक्सर देखा जाता है कि जवान लोन लेकर महंगी और तेज रफ्तार गाड़ियां तो खरीद लेते हैं, लेकिन अपनी सुरक्षा के लिए एक अच्छा हेलमेट नहीं लेते। यही लापरवाही दुर्घटना के समय जानलेवा साबित होती है।"
एसपी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि जिले में हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में 10 से 15 लोगों की अकाल मौत हो रही है, जिसका प्रमुख कारण यातायात नियमों का उल्लंघन और हेलमेट का उपयोग न करना है।
शपथ: न पीएंगे शराब, न भूलेंगे हेलमेट
इस अवसर पर एसपी ने सभी जवानों को हाथ आगे बढ़ाकर संकल्प दिलाया। जवानों ने शपथ ली कि:
वे दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनेंगे।
कभी भी शराब पीकर वाहन नहीं चलाएंगे।
यातायात नियमों का खुद भी पालन करेंगे और समाज को भी प्रेरित करेंगे।
एएसपी की नसीहत: हेलमेट पहनें तो 'बक्कल' भी लगाएं
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रोहित शाह ने पिछले वर्षों की दर्दनाक घटनाओं को याद करते हुए बताया कि कई जवानों ने सड़क हादसों में सिर्फ इसलिए जान गंवाई क्योंकि उनके सिर पर हेलमेट नहीं था। उन्होंने जवानों से अपील की कि केवल हेलमेट सिर पर रखना काफी नहीं है, बल्कि उसकी बक्कल (स्ट्रैप) को अनिवार्य रूप से लगाएं, ताकि गिरने पर हेलमेट सिर से अलग न हो। इस गरिमामयी कार्यक्रम में एएसपी अभिषेक वर्मा, डीएसपी मनीष रात्रे, रक्षित निरीक्षक रवि उपाध्याय और यातायात प्रभारी अनुराग सोनवानी सहित पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में जवान उपस्थित रहे।
