| दुर्ग; 10 दिन की डेडलाइन, नहीं तो कार्रवाई तय! कलेक्टर सिंह के औचक दौरे ने मचाई हलचल Aajtak24 News |
दुर्ग - शहर में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखने के लिए कलेक्टर अभिजीत सिंह ने 3 मई को औचक निरीक्षण किया और कई जगहों पर लापरवाही देखकर अधिकारियों की क्लास लगा दी। पोटियाकला वार्ड में लीजेसी वेस्ट प्रबंधन की धीमी रफ्तार पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए साफ निर्देश दिया कि काम तुरंत शुरू कर 10 दिनों के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। साथ ही एसएलआरएम सेंटर में जमा कबाड़ के निपटान के लिए ऑनलाइन ऑक्शन प्रक्रिया शुरू करने और रुके कार्यों को गति देने के निर्देश दिए।
इसके बाद वे इंदिरा मार्केट स्थित मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण स्थल पहुंचे, जहां ठेले-गुमटियों को हटाने, पेड़ों की छंटाई और जमीन समतलीकरण का काम जल्द पूरा करने को कहा, ताकि निर्माण में कोई बाधा न आए। जनसुविधाओं को लेकर सख्ती दिखाते हुए कलेक्टर ने सरस्वती नगर एएचपी में नालियों की सफाई, सड़कों से निर्माण सामग्री हटाने और पेयजल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने बोर से सीधे ओवरहेड टैंक तक पानी पहुंचाने के तकनीकी उपाय लागू करने को कहा।
उरला एसटीपी प्रोजेक्ट को लेकर भी कलेक्टर ने सीमांकन रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि प्रोजेक्ट की स्थिति स्पष्ट हो सके। कलेक्टर ने साफ चेतावनी दी कि विकास कार्यों में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी और सभी काम तय समय सीमा में पूरे होने चाहिए। इस दौरान नगर निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- जब पहले से समय सीमा तय थी, तो पोटियाकला में लीजेसी वेस्ट प्रबंधन इतना पीछे क्यों रह गया—जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
- मल्टीलेवल पार्किंग जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के आसपास अतिक्रमण और अव्यवस्था लंबे समय से क्यों बनी हुई थी—क्या निगरानी तंत्र फेल हुआ है?
- उरला एसटीपी जैसे बड़े प्रोजेक्ट की स्थिति स्पष्ट करने के लिए अब तक सीमांकन रिपोर्ट क्यों नहीं आई—क्या इसमें प्रशासनिक देरी या तकनीकी लापरवाही शामिल है?