| सुकमा; ढोंढरा सुशासन शिविर में प्रशासन की तेज़ी, महिलाओं को मिला 10 लाख का ऋण और ग्रामीणों को तुरंत सेवाएं Aajtak24 News |
सुकमा - जिले के ग्राम पंचायत ढोंढरा में आयोजित सुशासन तिहार एवं “बस्तर मुन्ने” अभियान के अंतर्गत आयोजित विशेष शिविर में प्रशासन की सक्रियता और त्वरित सेवा वितरण का व्यापक उदाहरण देखने को मिला। शिविर का निरीक्षण कलेक्टर अमित कुमार और जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर ने किया। दोनों अधिकारियों ने शिविर स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
शिविर में महिला स्व-सहायता समूहों के आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत कुल 10 लाख रुपये का बैंक ऋण वितरित किया गया, जिसमें राजेश्वरी समूह को 4 लाख, सीताफल समूह को 3 लाख और कनकादुर्गा समूह को 3 लाख रुपये की सहायता शामिल है। इससे महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ावा मिलेगा।
इसी शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का तत्काल लाभ दिया गया। कुल 19 लोगों को किसान किताब, 21 बी1-खसरा, 15 श्रम कार्ड और 17 जाति प्रमाण पत्र मौके पर ही वितरित किए गए। साथ ही राशन कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 5 हितग्राहियों को घर की चाबियां भी सौंपी गईं।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गोद भराई कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जबकि मेधावी छात्रों और प्राचार्यों को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया गया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और सभी विभागों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक बिना देरी पहुंचना चाहिए। इसके बाद कलेक्टर और सीईओ गादीरास में आयोजित दूसरे सुशासन शिविर में शामिल हुए, जहां उन्होंने अधिकारियों को और अधिक सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिए।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- क्या सुशासन शिविरों में दिए जा रहे लाभ स्थायी समाधान हैं, या सिर्फ एक दिन के वितरण कार्यक्रम तक सीमित रह जाते हैं?
- महिला समूहों को ऋण तो दिया जा रहा है, लेकिन उनकी उत्पादों की मार्केटिंग और आय स्थिरता के लिए क्या दीर्घकालिक योजना है?
- क्या हर शिविर में इतनी बड़ी संख्या में दस्तावेज़ और लाभ समय पर मिल पाते हैं, या यह केवल चयनित पंचायतों तक सीमित व्यवस्था है?