| दमोह में सियासी भूचाल: कांग्रेस जिला अध्यक्ष मानक पटेल पर ₹1 करोड़ हड़पने का आरोप Aajtak24 News |
दमोह - लोकसभा के पूर्व सांसद डॉ रामकृष्ण कुसमरिया के प्रतिनिधि रहे राजकुमार दुबे के द्वारा कांग्रेस जिला अध्यक्ष मानक पटेल पर एक करोड रुपए वापस न करने के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों के बाद सोमवार दोपहर कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने एक पत्रकार वार्ता आयोजित कर इन आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि कूट रचित दस्तावेज प्रस्तुत कर यह आरोप उनके ऊपर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कभी कोई लेनदेन राजकुमार दुबे से नहीं किया यह केवल उन्हें बदनाम करने की एक साजिश है। वही राजकुमार दुबे की पत्नी ने भी एक वीडियो जारी कर कहा है कि कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कांग्रेस की गुप्त जानकारी देने के एवज में पति से जान पहचान बनाई और बिजनेस के नाम पर एक मोटी रकम ले ली जो अब वापस नहीं की जा रही है। इसी के सदमे में उनके पति एम्स भोपाल में इलाज करा रहे हैं और उनकी हालत काफी गंभीर है।
भोपाल एम्स में इलाज करा रहे पूर्व सांसद प्रतिनिधि राजकुमार दुबे की ओर से यह बात कही गई थी कि कांग्रेस जिला अध्यक्ष मानक पटेल ने उनसे एक करोड रुपए से अधिक की राशि ली थी। जिसका एग्रीमेंट भी किया गया था, लेकिन अब वह राशि उन्हें वापस नहीं की जा रही है। इन्हीं आरोपों को लेकर कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि राजकुमार दुबे, मीना सिंह और संजय सिंह इन लोगों के द्वारा कूट रचित दस्तावेज डीके बिल्डर के लेटर हेड पर तैयार किए हैं उसको अनुबंध बनाया गया है। जिसे 2025 में बनाया गया है और उसकी गणना 2014 के अनुबंध से की जा रही है। अनुबंध में लिखा है 28 जनवरी 2014 को 4 साल जेसीबी का किराया 80000 हजार रुपए प्रति माह के हिसाब से 48 लाख 49 हजार रुपए है जो 1% ब्याज की दर से 18 लाख रुपए। कुल रकम 58 लख रुपए हो रही है जो हमें वापस नहीं की गई। मानक पटेल ने कहा कि राजकुमार दुबे की ओर से हमारी जेसीबी की जांच के लिए एक आवेदन भी दिया गया था। इसके बाद हमने कोतवाली से एक सर्टिफाइड कॉपी निकलवाई है। जिसमें उस समय की जांचकरता अधिकारी के कथन है। जिसमें लिखा जेसीबी मशीन 2016 में मानक पटेल को दी गई थी। जबकि अनुबंध में 2014 में राजकुमार दुबे कह रहे हैं कि उनका किराया मानक पटेल के द्वारा नहीं दिया गया। जब 2016 में मशीन हमारे पास आ गई तो 2014 में राजकुमार दुबे के पास कैसे पहुंच गई। यह कूट रचित दस्तावेज हैं। अनुबंध में ना तो मेरे हस्ताक्षर हैं।
यह झूठे दस्तावेज बनवाए हैं और हमारी छवि खराब करने का यह प्रयास किया गया है। इसके लिए हमने एसपी को भी आवेदन दिया है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। मानक पटेल ने यह भी कहा कि हम ना तो राजकुमार दुबे को इतना जानते हैं और ना हमने कभी उनके साथ कोई काम किया है। वह पूर्व सांसद के यहां काम करते थे जिस कॉलोनी में पूर्व सांसद का बंगला है यहीं पर उनका भी निवास था। इसलिए राजकुमार दुबे के साथ उठना बैठना रहता था। यदि 2014 में हमने उनसे कोई पैसा लिया था तो आज तक उनके द्वारा कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। पुलिस में कोई शिकायत क्यों नहीं की गई। यह केवल हमें बदनाम करने की एक साजिश है।
वहीं दूसरी ओर सोमवार दोपहर राजकुमार दुबे की पत्नी साधना दुबे ने भोपाल एम्स से एक वीडियो जारी कर कहा की यदि मेरे पति को कुछ होता है तो उसके दोषी मानक पटेल ही रहेंगे। क्योंकि एक बहुत बड़ी राशि मानक पटेल ने उनके पति से ली है जो वापस नहीं की जा रही। कांग्रेस की गुप्त जानकारियां देने के बदले में मानक पटेल ने मेरे पति से पहचान बनाई और व्यापार के नाम पर यह राशि ली थी। इस पर भी मानक पटेल का कहना है कि कोई कुछ भी आरोप लगा सकता है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए वह स्पष्ट रूप से कह चुके हैं कि राजकुमार दुबे के साथ कोई लेनदेन नहीं किया है। यदि राजकुमार दुबे के पास एक करोड रुपए की राशि है तो यह राशि उनके पास कहां से आई प्रशासन को इसकी भी जांच करनी चाहिए।