रीवा में संदिग्ध अफीम कांड: खेत से रहस्यमय तरीके से गायब हुई फसल, अब शिकायतकर्ता की तलाश में पुलिस Aajtak24 News

रीवा में संदिग्ध अफीम कांड: खेत से रहस्यमय तरीके से गायब हुई फसल, अब शिकायतकर्ता की तलाश में पुलिस Aajtak24 News

रीवा - जिले के सोहागी थाना अंतर्गत सोनौरी चौकी क्षेत्र के नौढ़िया गांव में कथित अवैध अफीम की खेती का मामला अब धीरे-धीरे तूल पकड़ता जा रहा है। पहले खेत में अफीम की लहलहाती फसल होने की सूचना सामने आई, फिर पुलिस के पहुंचने से पहले ही पौधों का रहस्यमय तरीके से गायब हो जाना और अब शिकायत करने वाले व्यक्ति की तलाश में पुलिस के जुट जाने से पूरे घटनाक्रम पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि इस पूरे मामले में कहीं न कहीं गंभीर लापरवाही या फिर किसी स्तर पर मिलीभगत की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। जानकारी के अनुसार सोनौरी चौकी क्षेत्र के नौढ़िया गांव में अफीम की अवैध खेती किए जाने की गोपनीय सूचना एक मुखबिर के माध्यम से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंची थी। बताया जाता है कि सूचना मिलने के बाद पुलिस को मौके पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। लेकिन जब पुलिस टीम कथित खेत तक पहुंची तो वहां का नजारा पूरी तरह बदला हुआ था। जिस खेत में अफीम की लहलहाती फसल होने की बात कही जा रही थी, वहां पुलिस को सिर्फ साफ मैदान मिला।

सूत्रों का दावा है कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही अफीम के पौधों को उखाड़कर हटा दिया गया था। गांव में यह चर्चा भी तेज है कि पौधों को जल्दबाजी में हटाकर मध्यप्रदेश की सीमा पार कर उत्तरप्रदेश की ओर ले जाया गया। यदि यह आरोप सही हैं तो बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर पुलिस कार्रवाई की जानकारी पहले ही कैसे बाहर पहुंच गई। क्या अवैध खेती करने वालों को पहले से भनक लग गई थी या फिर कहीं से सूचना लीक हुई? स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि नौढ़िया गांव में यह गतिविधि कोई एक दिन की नहीं है। लोगों के अनुसार पिछले लगभग एक वर्ष से यहां चोरी-छिपे अफीम की खेती किए जाने की चर्चा चल रही थी, लेकिन इस पर कभी सख्त कार्रवाई नहीं हुई। अब जब मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा और कार्रवाई की संभावना बनी, तभी अचानक खेत से पूरी फसल गायब हो गई।

इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आ रही है कि अवैध खेती करने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय पुलिस अब उस व्यक्ति की तलाश में जुटी है जिसने इस मामले की शिकायत की थी। नाम न छापने की शर्त पर कुछ ग्रामीणों ने बताया कि थाना स्तर पर कई लोगों से पूछताछ की जा रही है और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आखिर अफीम की खेती की जानकारी पुलिस तक किसने पहुंचाई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान उजागर की गई या उस पर दबाव बनाया गया तो भविष्य में कोई भी व्यक्ति पुलिस को अवैध गतिविधियों की जानकारी देने से कतराएगा। इससे अपराधियों के हौसले और बढ़ सकते हैं और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना और मुश्किल हो जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक जब इस पूरे मामले की जानकारी रीवा रेंज के आईजी गौरव राजपूत और पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह तक पहुंची तो उन्होंने भी इसे गंभीरता से लिया है। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और जांच के निर्देश दिए हैं। हालांकि अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। नौढ़िया गांव से शुरू हुआ यह कथित अफीम कांड अब पूरे रीवा जिले में चर्चा का विषय बन गया है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर अवैध अफीम की खेती करने वाला असली व्यक्ति कौन है और उसे संरक्षण किसका मिल रहा है। साथ ही यह भी देखना होगा कि पुलिस इस मामले में निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों तक पहुंचती है या फिर सूचना लीक, गायब हुई फसल और शिकायतकर्ता की तलाश का यह मामला भी समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाता है।

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