रीवा में खुले में मांस-मछली बेचने पर 'सर्जिकल स्ट्राइक': बिना लाइसेंस बिक्री पर लगा पूर्ण प्रतिबंध Aajtak24 News

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रीवा - रीवा जिले में सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण की रक्षा के लिए जिला प्रशासन ने अब कमर कस ली है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत एक बड़ा प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। इस आदेश के बाद अब पूरे जिले में बिना वैध लाइसेंस और अनुमति के खुले स्थानों पर मांस और मछली की बिक्री करना अपराध की श्रेणी में आएगा।

क्यों लिया गया यह सख्त फैसला? प्रशासन के संज्ञान में यह बात आई थी कि नगरीय क्षेत्रों में नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धाराओं (253, 254 और 255) का खुलेआम उल्लंघन हो रहा था। कई दुकानदार बिना अनुमति के मुख्य सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर मांस-मछली का विक्रय और प्रदर्शन कर रहे थे। इससे न केवल गंदगी और दुर्गंध फैल रही थी, बल्कि जनस्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। नगर पालिक निगम आयुक्त के प्रतिवेदन पर त्वरित संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने यह प्रतिबंध लागू किया है।

इन गतिविधियों पर रहेगी 'नो टॉलरेंस' नीति: जारी आदेश के अनुसार, अब रीवा जिले में निम्नलिखित गतिविधियों पर पूर्णतः रोक रहेगी:

  • अस्वस्थ पशुओं का विक्रय: मानव उपभोग के लिए बीमार या अस्वस्थ पशुओं के मांस का विक्रय पूरी तरह वर्जित है।

  • खुला प्रदर्शन: सड़कों या गलियों में मांस-मछली को लटकाकर या खुले में प्रदर्शित करना अब दंडनीय होगा।

  • नए निजी बाजार: बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के मांस विक्रय के लिए किसी भी नए निजी बाजार की स्थापना नहीं की जा सकेगी।

  • हानिकारक खाद्य पदार्थ: अपमिश्रित या मानव स्वास्थ्य के लिए घातक किसी भी खाद्य सामग्री के विक्रय पर सख्त पाबंदी रहेगी।

उल्लंघन करने पर होगी जेल प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। चूंकि प्रत्येक नागरिक को व्यक्तिगत सूचना देना संभव नहीं है, इसलिए इसे सार्वजनिक घोषणा माना जाए। यदि कोई भी व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

प्रशासनिक अमला अलर्ट पर इस आदेश की प्रतिलिपि पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक, सभी एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारियों को भेज दी गई है। सभी निकायों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सघन मॉनिटरिंग करें और यह सुनिश्चित करें कि मांस-मछली का विक्रय केवल प्रशासन द्वारा अधिकृत स्थानों और मानकों के अनुरूप ही किया जाए।

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