खाकी का मानवीय चेहरा—मऊगंज में ‘दूत’ बने डायल-112 के जवान, मौत के मुँह से खींच लाए दो जिंदगियां Aajtak24 News

खाकी का मानवीय चेहरा—मऊगंज में ‘दूत’ बने डायल-112 के जवान, मौत के मुँह से खींच लाए दो जिंदगियां Aajtak24 News

मऊगंज - मध्य प्रदेश पुलिस का ध्येय वाक्य है—‘देश भक्ति, जन सेवा’। इस वाक्य को धरातल पर चरितार्थ कर दिखाया है मऊगंज जिले के दो जांबाज पुलिसकर्मियों ने। मऊगंज बाईपास पर हुए एक दर्दनाक हादसे में जब दो जिंदगियां मौत और जिंदगी के बीच झूल रही थीं, तब डायल-112 के जवानों ने देवदूत बनकर उन्हें नया जीवन दिया। उनकी इस बहादुरी और तत्परता के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) दिलीप सोनी ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया है।

क्या थी घटना?

बीती 2 मार्च को मऊगंज बाईपास मार्ग पर एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार एक पुरुष व एक महिला लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। राहगीरों ने तत्काल डायल-112 को सूचना दी। सूचना मिलते ही FRV (फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल) के साथ आरक्षक रजनीश यादव और पायलट प्रवेश चतुर्वेदी मौके पर पहुँचे।

‘गोल्डन ऑवर’ की अहमियत को समझा

चिकित्सा विज्ञान में सड़क दुर्घटना के बाद के पहले एक घंटे को ‘गोल्डन ऑवर’ कहा जाता है। यदि इस दौरान घायल को सही इलाज मिल जाए, तो जान बचने की संभावना 90% तक बढ़ जाती है। आरक्षक रजनीश और पायलट प्रवेश ने एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय अपनी ही सरकारी गाड़ी को एम्बुलेंस बनाया और घायलों को नाजुक हालत में अस्पताल पहुँचाया। उनकी इस सूझबूझ के कारण ही डॉक्टरों को उपचार शुरू करने का पर्याप्त समय मिल गया और दोनों घायलों की जान बच गई।

पुलिस अधीक्षक ने थपथपाई पीठ

जवानों की इस कर्तव्यनिष्ठा की खबर जब पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुँची, तो एसपी दिलीप सोनी ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से सम्मानित करने का निर्णय लिया। एसपी कार्यालय में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में आरक्षक रजनीश यादव और पायलट प्रवेश चतुर्वेदी को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर एसपी दिलीप सोनी ने कहा, "पुलिस का असली काम केवल अपराधियों को पकड़ना नहीं, बल्कि संकट में फँसे नागरिक की ढाल बनना भी है। रजनीश और प्रवेश ने अपनी ड्यूटी से आगे बढ़कर जो मानवीय संवेदनशीलता दिखाई है, वह पूरे विभाग के लिए गौरव का विषय है। इन जवानों ने साबित कर दिया कि खाकी वर्दी के भीतर एक संवेदनशील हृदय भी धड़कता है।"

क्षेत्र में सराहना, पुलिस पर बढ़ा भरोसा

मऊगंज जिले में इस घटना की चर्चा हर जुबान पर है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अक्सर लोग पुलिस के नाम से हिचकिचाते हैं, लेकिन डायल-112 की इस सक्रियता ने जनता के मन में पुलिस के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना को और मजबूत किया है। डायल-112 सेवा आज के दौर में आपात स्थिति के लिए सबसे विश्वसनीय कड़ी बनकर उभरी है। इन ‘रियल लाइफ हीरोज’ की कहानी हमें सिखाती है कि यदि समय पर सही निर्णय लिया जाए, तो किसी का उजड़ता हुआ परिवार फिर से बस सकता है।

Post a Comment

Previous Post Next Post