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| भोपाल में गौ-तस्करी पर महासंग्राम; 'चमड़ा' माफिया के खिलाफ CBI जांच और NSA की उठी मांग! Aajtak24 News |
26 टन गौ-मांस ने हिला दी राजधानी की सियासत
हाल ही में हिंदू उत्सव समिति की सजगता से भोपाल में 26 टन गौ-मांस जब्त किया गया था। इस जघन्य अपराध ने न केवल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि हिंदू समाज की आस्था को भी गहरी चोट पहुंचाई है। आजतक 24 को मिली जानकारी के अनुसार, यह कोई साधारण चोरी-छिपे किया गया अपराध नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क (सिंडिकेट) है, जो प्रदेश की नाक के नीचे फल-फूल रहा है।
राष्ट्रवादी सरकार और सुस्त प्रशासन पर उठे सवाल
ज्ञापन के माध्यम से यह कड़ा संदेश दिया गया है कि मध्यप्रदेश में पिछले दो दशकों से हिंदुत्ववादी विचारधारा वाली सरकार होने के बावजूद, राजधानी में गौ-हत्या की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि हुई है। ग्रामीणों और समिति के सदस्यों का कहना है कि मंचों से गौ-संरक्षण की बातें तो बहुत होती हैं, लेकिन धरातल पर अपराधी बेखौफ हैं। यद्यपि सरकार ने एसआईटी (SIT) का गठन किया है, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने न आने से जनता में भारी आक्रोश है।
प्रमुख मांगें: जो हिला देंगी माफिया की नींव
श्री हिंदू उत्सव समिति ने भोपाल पुलिस आयुक्त के माध्यम से स्पष्ट चेतावनी दी है:
NSA की कार्यवाही: मुख्य आरोपी असलम कुरैशी और उसके सभी सहयोगियों पर तत्काल राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाया जाए।
CBI जांच की मांग: समाज का मानना है कि इस तस्करी के पीछे कई सफेदपोश और रसूखदार लाभार्थी छिपे हो सकते हैं, जिन्हें बेनकाब करने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच अनिवार्य है।
संरक्षकों पर प्रहार: केवल मोहरों को पकड़कर खानापूर्ति न की जाए, बल्कि इस संगठित अपराध के असली 'आकाओं' को सलाखों के पीछे भेजा जाए।
आस्था का अपमान नहीं सहेगा समाज
हिंदू उत्सव समिति के प्रतिनिधियों का कहना है कि गौ-माता सनातन समाज की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक हैं। राजधानी में जिस तरह से संगठित होकर गौ-कशी की जा रही है, वह सामाजिक संतुलन और कानून-व्यवस्था के लिए खुली चुनौती है। यदि प्रशासन ने समय रहते कठोर और उदाहरणात्मक कार्यवाही नहीं की, तो सनातनी समाज उग्र आंदोलन के लिए विवश होगा। भोपाल पुलिस आयुक्त को सौंपे गए इस ज्ञापन ने अब सरकार की साख को दांव पर लगा दिया है। क्या प्रदेश सरकार इस 'चमड़ा' माफिया का समूल नाश करेगी या फिर मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा? आजतक 24 इस पूरी खबर पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।
