| लाखों की लागत से बने आंगनबाड़ी भवन वर्षों से बंद, कुपोषण से जूझते बच्चों को नहीं मिल रहा लाभ Aajtak24 News |
मोजरा लौरी और गढ़ गांव का ताजा मामला
ताजा मामला ग्राम पंचायत गढ़ लौरी मोजरा का के मुजरा का है, जहां आंगनबाड़ी भवन पूरी तरह तैयार होने के बावजूद केंद्र संचालित नहीं किए जा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही तथा कथित मिलीभगत के कारण भवनों का उपयोग अपने वास्तविक उद्देश्य के लिए नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं के बावजूद क्षेत्र के छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और धात्री माताएं आंगनबाड़ी सेवाओं से वंचित हैं, जिससे कुपोषण की समस्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है। भवनों के बंद रहने से सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग होने के साथ-साथ ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
शासन की योजनाएं कागजों तक सीमित
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कागजों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित दर्शाए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति विपरीत है। इससे यह भी आशंका जताई जा रही है कि विभागीय स्तर पर गंभीर अनियमितताएं हो रही हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते केंद्रों का संचालन शुरू किया जाता तो क्षेत्र के बच्चों को पोषण आहार और शिक्षा सुविधाएं मिलतीं, साथ ही महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का लाभ प्राप्त होता। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण शासन की योजनाएं धरातल पर प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पा रही हैं।
ग्रामीणों ने की जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही तत्काल आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन शुरू कराने की मांग की गई है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले पर कब संज्ञान लेते हैं और वर्षों से बंद पड़े आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन शुरू कराने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।