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| मानस भवन में गरजी सपाक्स पार्टी, सामान्य वर्ग के अधिकारों के लिए 'आर-पार' की जंग का ऐलान Aajtak24 News |
रीवा - विंध्य की धरती रीवा का ऐतिहासिक मानस भवन आज एक बड़े वैचारिक और सामाजिक बदलाव का गवाह बना। सपाक्स पार्टी और सर्व समाज के तत्वावधान में आयोजित 'सामाजिक समरसता एवं सद्भाव सम्मेलन' में सामान्य वर्ग के अधिकारों को लेकर जबरदस्त शक्ति प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने वर्तमान राजनीति, तुष्टिकरण और जातिगत भेदभाव पर तीखे प्रहार करते हुए एक स्वर में बड़े आंदोलन का आह्वान किया।
तुष्टिकरण की राजनीति लोकतंत्र के लिए घातक: अनिल मिश्रा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्वालियर हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने कानूनी और संवैधानिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान में तुष्टिकरण की राजनीति अपने चरम पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य वर्ग के अधिकारों की लड़ाई अब केवल चर्चाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे सड़क से लेकर अदालत तक मजबूती से लड़ा जाएगा। उन्होंने यूजीसी कानून और अन्य वर्ग-विभाजित नीतियों को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया।
वोट बैंक के लिए समाज का बंटवारा चिंताजनक: डॉ. हीरालाल त्रिवेदी सपाक्स पार्टी के संरक्षक एवं पूर्व आईएएस डॉ. हीरालाल त्रिवेदी ने अपने संबोधन में कहा कि राजनीतिक दल केवल वोट बैंक की खातिर समाज को जातियों में बांट रहे हैं। उन्होंने एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग और जातिगत आरक्षण की विसंगतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि इसका सबसे बड़ा खामियाजा सामान्य वर्ग के युवाओं और प्रतिभाशाली बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।
शिक्षा और भविष्य को जातियों में बांटने का प्रयास राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व आईएएस डॉ. वीणा घाणेकर और प्रदेश अध्यक्ष इं. पीएस परिहार ने यूजीसी जैसे कानूनों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र में वर्ग विभाजन को बढ़ावा देकर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। पार्टी का दावा है कि इस आंदोलन में अब ब्राह्मण, क्षत्रिय, कायस्थ और वैश्य सहित तमाम संगठन एक मंच पर आकर संगठित शक्ति का परिचय देंगे।
दिग्गज नेताओं और प्रबुद्ध जनों की रही उपस्थिति कार्यक्रम में प्रदेश भर से आए बुद्धिजीवियों और सपाक्स के पदाधिकारियों ने अपनी बात रखी। प्रमुख रूप से इं. देवेंद्र सिंह (राष्ट्रीय महासचिव), इं. संजय सिंह (प्रदेश सचिव), और प्रदेश प्रवक्ता प्रीती तिवारी ने संगठन की आगामी रूपरेखा प्रस्तुत की। रीवा जिला अध्यक्ष हिमांशु शुक्ला और जिला सचिव तोषण सिंह ने स्थानीय स्तर पर सामान्य वर्ग को एकजुट करने का संकल्प दोहराया।
सम्मेलन का निष्कर्ष: बड़े आंदोलन की तैयारी समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने साफ कर दिया कि अब सामान्य वर्ग मूकदर्शक बनकर नहीं रहेगा। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पदोन्नति में आरक्षण और अन्य भेदभावपूर्ण नीतियों ने समाज में गहरी खाई पैदा कर दी है। रीवा में आयोजित इस कार्यक्रम को आगामी प्रदेश की राजनीति में एक निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। इस अवसर पर प्रभाकर पेशवा, अजय तिवारी, प्रो. पंकज श्रीवास्तव, अखिलेश पांडे, प्रशांत सिंह, बीके माला, सुधीर पांडे, सतीश चौबे, गेदाकली पाठक, आजाद चौहान, आदर्श शुक्ला, दीपक पाण्डेय, विपिन तिवारी, संध्या सिंह, संतोष तिवारी और कमलेश उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी, महिलाएं और छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि सामान्य वर्ग अपने स्वाभिमान और हक की रक्षा के लिए अब हर स्तर पर संघर्ष करेगा।
