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| स्वास्थ्य विभाग की संवेदनहीनता, शिविर में घंटों इंतज़ार कर बिना इलाज लौटे दिव्यांग Aajtak24 News |
मऊगंज - नवगठित मऊगंज जिले में प्रशासनिक अराजकता और स्वास्थ्य विभाग के गैर-जिम्मेदाराना रवैये का एक विचलित करने वाला मामला सामने आया है। हनुमना जनपद पंचायत में आयोजित दिव्यांग शिविर अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया, जिससे दूर-दराज से आए सैकड़ों गरीब और बेसहारा दिव्यांगों को भारी प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
कागजों पर मुस्तैदी, जमीन पर बदहाली सरकार एक ओर दिव्यांगों के कल्याण के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर हनुमना का यह शिविर सरकारी कार्यप्रणाली की पोल खोल रहा है। मंगलवार, 24 फरवरी को आयोजित इस शिविर में जड़कुड और पिपराही जैसे दुर्गम क्षेत्रों से दिव्यांगजन 40 से 60 किलोमीटर की दूरी तय कर सुबह 10 बजे ही जनपद प्रांगण पहुँच गए थे। लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुँची।
ढाई बजे तक नहीं आए डॉक्टर दोपहर के ढाई बज गए, लेकिन डॉक्टरों के न पहुँचने से भीषण गर्मी और शारीरिक कष्ट के बीच दिव्यांगों का धैर्य जवाब दे गया। भूखे-प्यासे ये दिव्यांग बिना किसी जांच या उपचार के मायूस होकर वापस लौटने को मजबूर हुए। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की यह लापरवाही चरम पर है और जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।
प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़े सवाल यह घटना न केवल विभाग की लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि सरकार के उन नियमों की भी धज्जियां उड़ाती है जो अंत्योदय की बात करते हैं। आखिर इन दिव्यांगों की परेशानी का जिम्मेदार कौन है? क्या आला अधिकारी इन लापरवाह डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे, या गरीब इसी तरह तंत्र की उपेक्षा का शिकार होता रहेगा?
