नोटिस देकर सेटिंग करने में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी नगर निगम से भी आगे Aajtak24 News

कांग्रेस संगठन महासचिव ने लगाया आरोप हजारों नोटिस जारी कार्रवाई एक पर भी नहीं


इंदौर - प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी नोटिस देकर सेटिंग करने में नगर निगम अधिकारियों से भी बहुत आगे हैं। सूत्र बता रहे हैं कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के विजय नगर क्षेत्र स्थित कार्यालय से हर माह नोटिस जारी होते हैं, लेकिन कार्रवाई इनमें से शायद ही किसी एक पर की जाती है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी यदि सचेत होते तो भागीरथपुरा जैसा गंभीर किस्म का मामला सामने नहीं आता, जिसमें मौत का आंकड़ा 35 तक पहुंच चुका है। ये आरोप कांग्रेस संगठन महासचिव संजय बाकलीवाल ने लगाए हैं। 

कांग्रेस नेता का कहना है कि जहां तक इंदौर शहर की बात है सैकड़ों कॉलोनी-मोहल्लों में सीटी स्कैन एमआरआई और एक-रे मशीन चलाने के साथ ही पैथोलॉजी लैब के साथ ही कई खतरनाक कारखाने भी स्थापित हो चुके हैं। यह कारखाने कई प्रकार का प्रदूषण फैला रहे हैं। साथ ही इसे निकालने वाला अपशिष्ट जमीन में रिसकर मृदा और पानी को धंधा कर रहा है, लेकिन इनसे होने वाले प्रदूषण पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की कोई नजर नहीं है।प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के इंदौर कार्यालय से न सिर्फ शहर बल्कि संभाग स्तर पर नोटिस देकर सेटिंग करने का खेल खेला जा रहा है। सूत्र बता रहे हैं कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी सेटिंग के खेल में बराबर पार्टनरशिप कर रहे हैं। जहां प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की सेटिंग नहीं हो पाती वहां वे पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों से सांठ-गांठ करके संबंधित प्रतिष्ठा का बिजली कनेक्शन कटवा देते हैं। ऐसे में यह प्रश्न उठता है कि क्या बिजली कंपनी ने संबंधित प्रतिष्ठा को कनेक्शन देने के पूर्व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी मंगाई थी, जबकि अन्य सभी विभागों में किसी भी कार्य को संपादित करने के पूर्व संबंधित विभागों से एनओसी प्राप्त की जाती है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की सेटिंग के संबंध में कांग्रेस संगठन जल्द ही संभागायुक्त सहित अन्य आला अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेगा।

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