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| स्कूल और आंगनबाड़ी की जमीन पर सरपंच की 'टेढ़ी नजर', रिकॉर्ड से संस्थाओं का नाम मिटाने की साजिश! Aajtak24 News |
रीवा - रीवा जिले के तहसील मनगवां अंतर्गत ग्राम पंचायत रक्षा मजान में सरकारी तंत्र और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ ग्राम पंचायत के सरपंच पर आरोप है कि वे शासकीय स्कूल, आंगनबाड़ी और आम रास्ते के लिए सुरक्षित भूमि (खसरा नंबर 415) को खुर्द-बुर्द कर उस पर अवैध रूप से पंचायत भवन का निर्माण करा रहे हैं।
रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ की कोशिश हैरानी की बात यह है कि खसरा नंबर 415 पर पहले से ही प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला, आंगनबाड़ी केंद्र, मिड-डे मील किचन और नल-जल योजना की पानी की टंकी स्थित है। हस्तलिखित पुराने रिकॉर्ड में इन संस्थाओं के नाम भी दर्ज हैं। लेकिन, आरोप है कि सरपंच ने एक कूट रचित (फर्जी) प्रस्ताव तैयार किया, जिसमें इन महत्वपूर्ण संस्थाओं का उल्लेख तक नहीं किया गया। इस फर्जी प्रस्ताव के आधार पर 12 दिसंबर 2025 को कलेक्टर न्यायालय में भूमि के 'नवायत परिवर्तन' (उपयोग बदलने) का आवेदन लगा दिया गया, ताकि कानूनी रूप से जमीन को पंचायत के अधीन दिखाया जा सके।
स्थगन आदेश के बाद भी निर्माण जारी ग्रामीणों ने बताया कि नायब तहसीलदार न्यायालय (वृत्त गढ़) से इस भूमि पर पहले से ही स्थगन (Stay) मिला हुआ है, फिर भी नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत में रक्षा मजान, माल और बंतर जैसे गांव शामिल हैं, जहाँ अन्य शासकीय भूमि उपलब्ध है, बावजूद इसके स्कूल की सक्रिय भूमि को ही निशाना बनाया जा रहा है।
अधिकारियों का पक्ष इस गंभीर मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि "शासकीय शिक्षण संस्थाओं की जमीन पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।" हालांकि, स्थानीय तहसीलदार और संकुल प्राचार्य से इस विषय पर संपर्क नहीं हो सका है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन भू-माफिया और रसूखदारों के चंगुल से बच्चों के भविष्य (स्कूल की जमीन) को कैसे बचाता है।
