![]() |
| मऊगंज में भ्रष्टाचार पर चला प्रशासन का चाबुक: घूसखोर BRC शिवकुमार रजक पद से हटाए गए Aajtak24 News |
मऊगंज: जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान में प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। रिश्वतखोरी के आरोपों में घिरे मऊगंज बीआरसी (BRC) शिवकुमार रजक को पद से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई रीवा कमिश्नर के निर्देश और मऊगंज जिले के 'अन्ना हजारे' कहे जाने वाले मुंद्रिका प्रसाद विश्वमित्र की कड़ी चेतावनी के बाद की गई है।
मामला और पृष्ठभूमि: बीआरसी शिवकुमार रजक का एक रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। आरोप है कि तत्कालीन कलेक्टर ने इस गंभीर मामले की जांच को दबा दिया था, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला। इस अन्याय के खिलाफ 'अगस्त क्रांति मंच' और 'देश बचाओ पुनर्जागरण अभियान' ने आवाज उठाई। श्री विश्वमित्र ने घोषणा की थी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो वे 26 जनवरी 2026 से शहीद स्मारक के सामने अनिश्चितकालीन अनशन करेंगे।
प्रशासन की कार्रवाई: जनता के बढ़ते आक्रोश और अनशन की चेतावनी को देखते हुए रीवा कमिश्नर ने मामले को संज्ञान में लिया। कमिश्नर के आश्वासन के बाद वर्तमान जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से भ्रष्ट अधिकारी पर चाबुक चलाया और उन्हें पदमुक्त कर दिया।
इस कार्रवाई को मऊगंज में भ्रष्टाचार और अत्याचार के खिलाफ जनता की बड़ी जीत माना जा रहा है। मुंद्रिका प्रसाद विश्वमित्र ने साफ कर दिया है कि जिले में अफसरों की मनमानी और घूसखोरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस निर्णय से उन अधिकारियों में हड़कंप मच गया है जो कर्तव्यों को भूलकर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।
