| खाकी की 'खुली सेल': मऊगंज में बोले हेड कांस्टेबल- "जो इच्छा हो उतना डाल दो", ऑडियो ने खोली पोल! |
मऊगंज - डिजिटल इंडिया के दौर में जहाँ सरकारें पारदर्शी लेनदेन को बढ़ावा दे रही हैं, वहीं खाकी की आड़ में कुछ लोग इस तकनीक का इस्तेमाल 'रिश्वतखोरी' के लिए कर रहे हैं। ताजा मामला मऊगंज जिले के हनुमना थाना अंतर्गत हाटा पुलिस चौकी का है, जहाँ एक प्रधान आरक्षक का पैसों के लेनदेन से जुड़ा ऑडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है।
"जो तय हुआ था, उसका आधा कर दो..."
वायरल ऑडियो में कथित तौर पर प्रधान आरक्षक राशिरमण साहू की आवाज होने का दावा किया जा रहा है। ऑडियो की बातचीत किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी है, लेकिन यह हकीकत में पुलिस की छवि को दागदार कर रही है। ऑडियो में एक अज्ञात व्यक्ति जब पूछता है कि कितने पैसे भेजने हैं, तो जवाब मिलता है— “जो तुम्हारी इच्छा हो उतना डाल दो।” बातचीत यहीं खत्म नहीं होती; आगे फोन-पे और गूगल-पे जैसे ऐप्स के जरिए 500 या 1000 रुपये भेजने का जिक्र होता है। सबसे चौंकाने वाली बात तब आती है जब कथित प्रधान आरक्षक कहता है, “जो तय हुआ था, उसका आधा कर दो।” यह वाक्य साफ संकेत देता है कि किसी मामले को रफा-दफा करने के लिए पहले से ही कोई 'डील' फिक्स थी।
विभाग में हड़कंप, जांच की आंच शुरू
ऑडियो वायरल होते ही पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। आम जनता में यह चर्चा का विषय है कि जब कानून के रखवाले ही 'डिजिटल उगाही' पर उतर आएंगे, तो न्याय की उम्मीद किससे की जाए?
इस गंभीर मामले पर मऊगंज एसडीओपी सची पाठक ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा है कि मामले की बारीकी से जांच कराई जा रही है। एसडीओपी ने स्पष्ट किया कि, "वायरल ऑडियो की सत्यता जांची जा रही है। यदि इसमें किसी पुलिस कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा और तथ्यों के आधार पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
डिजिटल सबूत बनेंगे गले की फांस?
अक्सर रिश्वत के मामलों में गवाहों की कमी होती है, लेकिन यहाँ 'डिजिटल ट्रेल' (लेनदेन का रिकॉर्ड) और 'ऑडियो साक्ष्य' प्रधान आरक्षक की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। फिलहाल जांच चल रही है, लेकिन इस घटना ने मऊगंज पुलिस की साख को जनता की नजरों में कटघरे में खड़ा कर दिया है।