रीवा प्रशासन का बड़ा एक्शन: पुरास में शासकीय तालाब से हटा बरसों पुराना अतिक्रमण Aajtak24 News

रीवा प्रशासन का बड़ा एक्शन: पुरास में शासकीय तालाब से हटा बरसों पुराना अतिक्रमण Aajtak24 News

रीवा - जिले में शासकीय संपत्तियों और जलाशयों के संरक्षण के लिए प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। माननीय उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों का पालन करते हुए रीवा जिला प्रशासन ने रविवार को गुढ़ तहसील के ग्राम पंचायत पुरास में शासकीय तालाब की भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने की एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। भारी पुलिस बल और राजस्व अमले की मौजूदगी में वर्षों से काबिज अतिक्रमणकारियों के निर्माणों को जमींदोज कर दिया गया।

हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई कार्रवाई प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पुरास के इस शासकीय तालाब पर पिछले कई वर्षों से कुछ परिवारों ने अवैध रूप से मकान बनाकर कब्जा कर रखा था। इस मामले को लेकर एक स्थानीय नागरिक द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई थी। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी और तालाब की भूमि को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए थे। न्यायालय के इसी आदेश के अनुपालन में कलेक्टर के मार्गदर्शन में प्रशासन ने यह अभियान शुरू किया।

मौके पर तैनात रहा भारी अमला कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर सहायक कलेक्टर सुरभि जैन, गुढ़ एसडीएम सुधाकर सिंह, तहसीलदार अरुण यादव और गुढ़ थाना प्रभारी शैली यादव सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा। प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई को देखने के लिए ग्रामीणों और क्षेत्रीय लोगों का बड़ा हुजूम मौके पर एकत्र हो गया।

पुनर्वास की मांग और प्रशासन का आश्वासन अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया के दौरान मौके पर तनावपूर्ण स्थिति भी देखने को मिली। वर्षों से वहां रह रहे परिवारों ने विरोध जताते हुए अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। अतिक्रमणकारियों का कहना था कि वे भूमिहीन और गरीब हैं, ऐसे में मकान टूटने के बाद उनके पास रहने का कोई ठिकाना नहीं बचेगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि उन्हें वैकल्पिक स्थान पर प्लॉट उपलब्ध कराए जाएं ताकि वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित रह सकें।

मौके पर मौजूद अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए परिवारों को समझाइश दी। तहसीलदार अरुण यादव ने बताया कि शासन के नियमानुसार पात्र भूमिहीन परिवारों के पुनर्वास के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रहने योग्य अन्य शासकीय भूमि का चिन्हांकन किया जा रहा है ताकि पात्र लोगों को नियमानुसार सहायता प्रदान की जा सके।

जारी रहेगी सख्त कार्रवाई प्रशासनिक अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि सरकारी भूमि और विशेष रूप से जल स्रोतों (तालाबों) पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। न्यायालय के निर्देशों के तहत आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। इस अभियान का उद्देश्य सरकारी संपत्तियों को सुरक्षित करना और जल संरक्षण के स्रोतों को उनके मूल स्वरूप में वापस लाना है।



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