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| शिक्षिका शकुंतला नीरत के निलंबन पर भड़का आक्रोश; अजाक्स सहित कई संगठन आज कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन Aajtak24 News |
मऊगंज - जिले में भ्रष्टाचार की शिकायत करने वाली दलित शिक्षिका और वार्डन श्रीमती शकुंतला नीरत के निलंबन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रशासन की इस कार्रवाई को 'दमनकारी' बताते हुए अब अजाक्स (AJAKS), विभिन्न शिक्षक संगठन और सामाजिक संगठनों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
शिकायतकर्ता पर ही कार्रवाई से गहराया रोष
गौरतलब है कि श्रीमती शकुंतला नीरत (उच्च श्रेणी शिक्षक सह वार्डन, छात्रावास मऊगंज) ने विभाग में व्याप्त रिश्वतखोरी और लेन-देन के मामलों की शिकायत की थी। आरोप है कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के बजाय, कलेक्टर द्वारा शिकायतकर्ता शिक्षिका को ही निलंबित कर दिया गया। संगठनों का आरोप है कि यह कार्रवाई वास्तविक भ्रष्टाचार को दबाने और आवाज उठाने वालों को डराने का प्रयास है।
आज होगा शक्ति प्रदर्शन: 30 जनवरी को घेराव
निलंबन आदेश को तुरंत निरस्त करने की मांग को लेकर दिनांक 30 जनवरी 2026, दोपहर 03:00 बजे बड़ी संख्या में कर्मचारी और सामाजिक कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय पहुँचेंगे।
ज्ञापन के मुख्य बिंदु:
शिक्षिका शकुंतला नीरत का निलंबन आदेश तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
रिश्वतखोरी की शिकायतों की निष्पक्ष जांच उच्च स्तरीय कमेटी से कराई जाए।
जिले में दलित और पिछड़ा वर्ग के कर्मचारियों के खिलाफ कथित 'दोहरे मापदंड' को बंद किया जाए।
प्रशासनिक टकराव बढ़ने के आसार
एक तरफ शहीद स्मारक पर अनशनकारी विश्वमित्र की गिरफ्तारी और दूसरी तरफ कर्मचारी संगठनों का यह विरोध, मऊगंज प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अजाक्स संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि न्याय नहीं मिला, तो यह आंदोलन जिला स्तर से बढ़कर प्रदेश स्तर तक जाएगा।
