| आस्था पर प्रहार के विरुद्ध राजधानी में हुंकार: पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा का रोशनपुरा पर 'मौन उपवास' Aajtak24 News |
भोपाल - सनातन धर्म की सर्वोच्च परंपराओं, मंदिरों की मर्यादा और गो-माता के संरक्षण के मुद्दे पर आज राजधानी भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर एक दिवसीय उपवास का आयोजन किया गया। पूर्व धर्मस्व मंत्री पी.सी. शर्मा के नेतृत्व में आयोजित यह उपवास सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चला, जिसमें धार्मिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग की गई।
प्रमुख मुद्दे और विरोध के स्वर: उपवास के दौरान पी.सी. शर्मा ने सीधे सवाल उठाए कि क्या आस्था के केंद्रों और पूज्य संतों का अपमान ही वर्तमान का हिंदुत्व है? उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया:
शंकराचार्य जी का अपमान: अनंत श्री विभूषित शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के सम्मान पर बार-बार हो रहे आघात को अक्षम्य बताया गया।
काशी में ध्वंस: मोक्षदायिनी काशी और मणिकर्णिका घाट जैसे पवित्र स्थलों पर प्राचीन मंदिरों को तोड़े जाने पर गहरी पीड़ा व्यक्त की गई।
गो-हत्या: भोपाल की धरती पर गो-माता की हत्या की घटनाओं को समाज पर कलंक बताया गया।
गैर-राजनीतिक वैचारिक लड़ाई: पी.सी. शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी राजनीति के लिए नहीं, बल्कि आर्य परंपरा, सनातन संस्कृति और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि जब तक आस्था पर ये प्रहार नहीं रुकेंगे, तब तक नैतिक विरोध जारी रहेगा।