सक्ती जिले में शिक्षा विभाग पर बड़ी कार्रवाई: भ्रष्टाचार और मनमानी खरीद के आरोप में तीन BEO निलंबित Aajtak24 News

सक्ती जिले में शिक्षा विभाग पर बड़ी कार्रवाई: भ्रष्टाचार और मनमानी खरीद के आरोप में तीन BEO निलंबित Aajtak24 News 

सक्ती - छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार और भण्डार क्रय नियमों की गंभीर अवहेलना के आरोप में तीन विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई बिलासपुर संभाग के संयुक्त संचालक शिक्षा द्वारा की गई विस्तृत जाँच के बाद की गई है, जिससे पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों की खरीद

जाँच में पाया गया कि स्वच्छता सामग्री क्रय प्रक्रिया में भण्डार क्रय नियमों की गंभीर अवहेलना की गई। अधिकारियों ने न केवल करोड़ों रुपये की खरीद प्रक्रिया को मनमाने तरीके से पूरा किया, बल्कि खरीदी गई सामग्री का भौतिक सत्यापन भी नहीं किया गया। इसके परिणामस्वरूप, घटिया गुणवत्ता की सामग्रियाँ अधिक दरों पर खरीदी गईं, जिससे शासन को आर्थिक क्षति पहुँची।

शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, निलंबित होने वाले अधिकारियों में शामिल हैं:

  • श्यामलाल वारे (विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, डभरा)

  • वी. के. सिदार (विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, जैजैपुर)

  • टी. एस. जगत (तत्कालीन विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, मालखरौदा)

इन अधिकारियों पर गुणवत्ता मानकों का पालन न करने और खरीद प्रक्रिया को आवश्यक दस्तावेजी और भौतिक प्रक्रिया के अनुसार संपादित न करने का आरोप है। शासन ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई की है। निलंबन अवधि में तीनों का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, सक्ती निर्धारित किया गया है।

🗣️ शिकायतकर्ता ने कार्रवाई का किया स्वागत

यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब भाजपा सक्ती नगर मंडल के महामंत्री अभिषेक शर्मा ने स्वच्छता सामग्री खरीद में गड़बड़ी की शिकायत की थी। शिकायतकर्ता अभिषेक शर्मा ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा, "यह जनता के खून-पसीने का पैसा है, जिसे लापरवाही और भ्रष्टाचार के जरिए नष्ट नहीं होने दिया जा सकता।" उन्होंने इस कार्रवाई को 'केवल शुरुआत' बताया और सक्ती जिले में व्यापक जाँच की मांग की। उनका कहना है कि शिक्षा जैसे संवेदनशील विभाग में मनमानी बच्चों के भविष्य पर सीधा असर डालेगी, इसलिए यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ स्पष्ट संदेश है।

🔍 सप्लायरों और बिलिंग की जाँच की तैयारी

तीनों विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों के निलंबन आदेश जारी होते ही सक्ती जिले से लेकर बिलासपुर संभाग तक शिक्षा विभाग में बड़ी हलचल मच गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विभाग अब स्वच्छता सामग्री आपूर्ति से जुड़े सप्लायरों, बिलिंग प्रक्रिया और भुगतान चक्र की भी जाँच करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि आगे की कार्रवाई में इस पूरे भ्रष्टाचार के नेटवर्क से जुड़े और नाम भी सामने आ सकते हैं।


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