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| नगर पंचायत थान खम्हरिया में महिला जनप्रतिनिधियों की जगह उनके पतियों के हस्तक्षेप पर कांग्रेस पार्षदों ने सौंपा ज्ञापन Aajtak24 News |
बेमेतरा - थान खम्हरिया नगर पंचायत की बैठकों और प्रशासनिक कार्यों में निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों की जगह उनके पतियों और परिजनों के हस्तक्षेप पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस के पार्षदों—विरेन्द्र सिन्हा, करीम बेग, और नरेश पाटिल—ने इस लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ परिपाटी पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) सतीश यादव को एक ज्ञापन सौंपा है।
शासन के निर्देशों का उल्लंघन
कांग्रेस पार्षदों ने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि वर्ष 2010 में ही शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के पति या परिजन न तो बैठकों में शामिल हो सकते हैं और न ही निर्णय प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर सकते हैं। इसके बावजूद, नगर पंचायत में कई स्थानों पर यह निर्देश अनदेखा किया जा रहा है, जो महिलाओं की राजनीतिक पहचान और संवैधानिक अधिकार का सीधा उल्लंघन है।
हस्तक्षेप रोकने और कार्रवाई की मांग
पार्षदों ने सीएमओ से इस गंभीर मामले पर तत्काल संज्ञान लेने और हस्तक्षेप करने वाले व्यक्तियों पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही, भविष्य में यदि कोई पति या परिजन निर्वाचित प्रतिनिधि की जगह बैठक में उपस्थित होता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई है। कांग्रेस पार्षद विरेन्द्र सिन्हा ने इस मुद्दे को महिलाओं के राजनीतिक सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि जनता ने महिलाओं को चुनकर उनके अधिकार सुनिश्चित किए हैं, और ऐसे में परिजनों का अनावश्यक हस्तक्षेप अस्वीकार्य है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सीएमओ द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो इस मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की जाएगी।
