क्या है पूरा मामला?
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के ढड़ारी गाँव के पास रेलवे ब्रिज के करीब 9 सितंबर को एक महिला संदिग्ध अवस्था में पड़ी मिली। स्थानीय लोगों की सूचना पर सिविल लाइंस पुलिस मौके पर पहुँची और महिला को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। होश में आने पर महिला ने पुलिस को बताया कि उसका पति उसे बाजार ले जाने की बात कहकर घर से निकला था। रास्ते में पति ने उसे मोमोज खिलाए, जिसके बाद वह बेहोश हो गई। महिला का आरोप है कि बेहोशी की हालत में उसके पति और उसके दो साथियों ने मिलकर उसके साथ बारी-बारी से गैंगरेप किया और मारपीट की। इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने के बाद, आरोपियों ने उसके हाथ-पैर बांधकर उसे सड़क किनारे फेंक दिया और भाग गए।
पति ने लगाए झूठे आरोप के आरोप
पुलिस को दी गई शिकायत के आधार पर, सिविल लाइंस पुलिस ने महिला के पति सहित तीन लोगों पर गैंगरेप, आपराधिक षड्यंत्र और गलत तरीके से बंधक बनाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। सिविल लाइन थाना प्रभारी वाल्मीकि चौबे ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। इस बीच, चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के दो दिन पहले ही महिला के पति ने थाने में एक आवेदन दिया था। उस आवेदन में पति ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी ने दो शादियाँ की हैं और वह लोगों पर झूठे मामले दर्ज कराने में माहिर है। पति का दावा है कि उसकी पत्नी पैसे ऐंठने के मकसद से यह सब कर रही है और पहले भी कई लोगों को फँसा चुकी है। पुलिस अब इन दोनों बयानों की गहनता से जाँच कर रही है। महिला ने पुलिस को चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वह आत्महत्या कर लेगी। पुलिस इस मामले की सभी पहलुओं से जाँच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।