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| स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार, रीवा की धरती पर एक क्रांतिकारी अभियान का सूत्रपात Aajtak24 News |
रीवा - नारी के स्वास्थ्य और सामर्थ्य को राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला मानने वाली भारतीय चेतना एक बार फिर से मध्य प्रदेश के रीवा जिले में मूर्त रूप ले रही है। स्वास्थ्य विभाग ने 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' अभियान को एक ऐतिहासिक सफलता में बदलने की ठान ली है और इसी संकल्प के साथ अपनी कमर कसी है। यह कोई सामान्य स्वास्थ्य शिविर नहीं, बल्कि एक सामूहिक सामाजिक संकल्प है, जो 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक जिले के कोने- कोने में अपनी जीवंत उपस्थिति दर्ज कराएगा। इस व्यापक अभियान की रूपरेखा का खाका खींचते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया कि इसका शुभारंभ कुशाभाऊ ठाकरे जिला अस्पताल से होगा, किंतु इसकी परिणति जिले के प्रत्येक विकास खंड, प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और यहाँ तक कि दूरस्थ उप-स्वास्थ्य केंद्रों तक में होगी। यह अभियान स्वास्थ्य सेवाओं को द्वार तक पहुँचाने के उस दिव्य संकल्प का प्रतीक है, जहाँ व्यवस्था जनता के पास जाती है, जनता को व्यवस्था तक नहीं भटकना पड़ता। यह शिविर केवल नाममात्र का आयोजन नहीं होगा। इन केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं से लेकर समस्त वयस्क महिलाओं के स्वास्थ्य की सूक्ष्मदर्शी जाँच की व्यवस्था होगी, जहाँ चिकित्सकों की एक टीम तैनात रहेगी। इसके तहत महिलाओं एवं बच्चों का टीकाकरण, संचारी एवं असंचारी रोगों की शिनाख्त और उनकी रोकथाम के उपायों पर विशेष जोर दिया जाएगा। यह दृष्टिकोण रोगोपचार से आगे बढ़कर रोगनिरोधी और जीवन- उन्नयन का एक समन्वित मॉडल प्रस्तुत करता है।
इस अभियान की सबसे सराहनीय बात है इसकी पारदर्शिता। प्रत्येक दिन का कार्य- विवरण और उपलब्धियाँ फोटो- सहित एक डिजिटल पोर्टल पर अपलोड की जाएँगी। यह कदम न केवल जवाबदेही सुनिश्चित करेगा, बल्कि एक real-time डेटाबेस के रूप में भविष्य की नीतियों को आकार देने में भी सहायक होगा। इसके साथ ही, इस मुहिम को सफल एक जनआंदोलन का स्वरूप दिया गया है। शिक्षा विभाग, ग्रामीण विकास, नगरीय निकाय, महिला एवं बाल विकास के साथ- साथ स्वयंसेवी संस्थाएँ और सामाजिक संगठन इसकी धुरी बनेंगे। यह सहकारी प्रयास स्पष्ट करता है कि स्वास्थ्य केवल चिकित्सकों का नहीं, बल्कि समग्र समाज का दायित्व है। ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान एक timely intervention है। यह उस सोच को चुनौती देता है जो अक्सर महिलाओं के स्वास्थ्य को गौण मानती है। एक स्वस्थ नारी ही परिवार की धुरी होती है, जो न केवल अपने बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य की गारंटी होती है। रीवा का यह प्रयोग यदि पूर्ण निष्ठा, पारदर्शिता और जन- सहभागिता के साथ क्रियान्वित होता है, तो निश्चित रूप से यह देश के अन्य जिलों के लिए एक प्रेरणादायक blue-print साबित होगा। यह अभियान स्त्री- स्वास्थ्य के प्रति एक क्रांतिकारी दृष्टिकोण की आधारशिला रखने का प्रयास है, जिसकी सफलता में ही हमारे परिवारों, समाज और ultimately राष्ट्र की सफलता निहित है।
