मऊगंज में गौ तस्करी का प्रयास नाकाम, लौर पुलिस ने बचाए सात गौवंश Aajtak24 News

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मऊगंज - गौवंश की रक्षा और तस्करों की नापाक मंशा पर पुलिस का शिकंजा कसते हुए लौर थाना पुलिस ने शुक्रवार को एक बड़ी सफलता अर्जित की। पुलिस अधीक्षक मऊगंज दिलीप सोनी के निर्देशन और एसडीओपी सची पाठक के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में सात बेजुबान गौवंशों को वध की भयावह नियति से मुक्त कराया गया। थाना लौर पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि एक पिकअप वाहन (क्रमांक UP66AT6050) में अवैध रूप से गौवंश भरकर उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा है। सूचना पाते ही पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की और ग्राम खैरा के पास संदिग्ध वाहन को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देख चालक वाहन छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला, किन्तु वाहन को पुलिस ने कब्जे में ले लिया।

वाहन की तलाशी लेने पर उसमें ठूंसकर भरे गए पाँच गाय एवं दो बैल मिले। पशुओं को देखकर साफ प्रतीत होता था कि उन्हें क्रूरता पूर्वक परिवहन किया जा रहा था। लौर पुलिस ने तत्काल सातों गौवंशों को मुक्त कर सुरक्षित रूप से लौर गौशाला भेज दिया। वहीं, फरार चालक के विरुद्ध गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4/9, 6/9 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने करीब आठ लाख रुपए मूल्य के वाहन को भी जब्त कर लिया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक गोविंद प्रसाद तिवारी, सउनि रमेश भारती, आरक्षक अमित पाण्डेय, वीरेन्द्र शुक्ला और मनीष यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 एसडीओपी मऊगंज सची पाठक ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर गौ तस्करी का मामला सामने आया। पिकअप वाहन में पाँच गाय और दो बैल भरकर उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा था। त्वरित कार्रवाई में वाहन जब्त कर पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुँचा दिया गया। फरार चालक की तलाश जारी है। यह घटना एक ओर पुलिस की सतर्कता का प्रमाण है, वहीं दूसरी ओर समाज में पशु संरक्षण की जिम्मेदारी का स्मरण भी कराती है। समय रहते यदि यह कार्रवाई न होती तो बेजुबान गौवंशों का जीवन संकट में पड़ सकता था। मऊगंज पुलिस की यह पहल पशु-सेवा और कानून-व्यवस्था दोनों की रक्षा का जीवंत उदाहरण बन गई है।



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