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| वायरल 'कॉलर पकड़' विवाद पर बड़ी कार्रवाई: रीवा कमिश्नर ने मऊगंज के 'गालीबाज' तहसीलदार को किया सस्पेंड Aajtak24 News |
रीवा/मऊगंज - मध्य प्रदेश के नए बने जिले मऊगंज में एक तहसीलदार को किसान के साथ सड़क छाप गुंडागर्दी करना भारी पड़ गया है। जमीन विवाद सुलझाने गए मऊगंज तहसीलदार वीरेंद्र पटेल ने एक व्यक्ति का कॉलर पकड़ा और सरेआम गालीगलौज की, जिसका 17 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामला तूल पकड़ता देख, रीवा डिविजन के कमिश्नर बीएस जामोद ने तत्काल प्रभाव से तहसीलदार वीरेंद्र पटेल को सस्पेंड कर दिया।
विवाद सुलझाते-सुलझाते खुद विवादों में उलझे
यह शर्मनाक घटना मऊगंज तहसील के गंनिगमा गांव की है। तहसीलदार वीरेंद्र पटेल अपने पूरे अमले के साथ कमलेश प्रजापति के घर एक जमीन विवाद सुलझाने पहुंचे थे।
अधिकार का दुरुपयोग: मौके पर खड़े सुषमेश पांडेय नामक व्यक्ति से उनकी कहा-सुनी हो गई। इसके बाद, तहसीलदार वीरेंद्र पटेल ने अपनी पद की गरिमा को ताक पर रखते हुए किसान के साथ अभद्र व्यवहार किया।
गाली और कॉलर: उन्होंने गुस्से में किसान का कॉलर पकड़ा और उन्हें मां की गाली दे डाली।
तहसीलदार जब खुद विवादों में उलझ गए, तो वहां मौजूद लोगों ने बिना देरी किए इस पूरे कृत्य को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और वीडियो को वायरल कर दिया। वीडियो के वायरल होते ही प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए।
कमिश्नर की 'जीरो टॉलरेंस' कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए, रीवा कमिश्नर बीएस जामोद ने तत्काल एक्शन लिया। एक लोक सेवक द्वारा आम जनता के साथ इस तरह की अशोभनीय और अपमानजनक भाषा का प्रयोग और शारीरिक अभद्रता करना सरकारी सेवा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना गया।
सस्पेंशन: कमिश्नर ने वीरेंद्र पटेल को तत्काल सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया।
नई 'जिम्मेदारी': सस्पेंशन के बाद उन्हें तहसील हेडक्वार्टर में अटैच कर दिया गया है।
यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि प्रशासनिक अधिकारी अपने जनसेवा के दायित्व को भूलकर दबंगई दिखाएंगे, तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
