रायपुर कर्चुलियान तहसील में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: रिश्वत लेते बाबू रंगे हाथ गिरफ्तार Aajtak24 News

रायपुर कर्चुलियान तहसील में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: रिश्वत लेते बाबू रंगे हाथ गिरफ्तार Aajtak24 News

रीवा/मध्य प्रदेश - भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान में लोकायुक्त पुलिस ने सोमवार को रीवा के रायपुर कर्चुलियान तहसील कार्यालय में एक बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई को अंजाम दिया। नक्शा तरमीम (भूमि अभिलेखों में संशोधन) के काम के लिए 2000 रुपये की रिश्वत मांग रहे बाबू देवेंद्र साकेत को लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

शिकायत से शुरू हुई कार्रवाई

इस कार्रवाई का आधार सिरखनी गांव के निवासी चंद्रकांत मिश्रा की शिकायत थी। मिश्रा ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सुनील पाटीदार को लिखित में शिकायत दी थी कि तहसील कार्यालय का बाबू देवेंद्र साकेत उनका नक्शा तरमीम कराने के बदले 2000 रुपये की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसपी पाटीदार ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया और ट्रैप की योजना बनाई।

योजनाबद्ध ऑपरेशन और गिरफ्तारी

लोकायुक्त टीम ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद बाबू को रंगे हाथों पकड़ने के लिए पूरी तैयारी की। तय रणनीति के अनुसार, जैसे ही शिकायतकर्ता चंद्रकांत मिश्रा ने बाबू देवेंद्र साकेत को रिश्वत की रकम सौंपी, लोकायुक्त की टीम ने मौके पर दबिश दे दी। पुलिस ने बाबू को तत्काल गिरफ्तार कर लिया और रिश्वत की रकम को मौके से बरामद कर लिया। इस दौरान तहसील कार्यालय में मौजूद अन्य अधिकारी और कर्मचारी सकते में आ गए और आपस में फुसफुसाते हुए नजर आए कि अब सरकारी दफ्तरों में होने वाला भ्रष्टाचार खुलकर सामने आने लगा है।

जनता में उम्मीद

लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी बाबू देवेंद्र साकेत को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह कब से इस तरह की रिश्वतखोरी में लिप्त था और क्या इसमें कोई अन्य कर्मचारी या अधिकारी भी शामिल हैं। इस कार्रवाई पर आम जनता ने संतोष व्यक्त किया है। ग्रामीणों और फरियादियों का कहना है कि यदि लोकायुक्त पुलिस इस तरह की कार्रवाई लगातार करती रही तो सरकारी दफ्तरों में पारदर्शिता बढ़ेगी और आमजन को अपने जायज काम कराने के लिए रिश्वत नहीं देनी पड़ेगी। यह घटना सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करती है और एक मजबूत संदेश देती है कि इस तरह के कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Post a Comment

Previous Post Next Post