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| जघन्य वारदात से थर्राया धार: मां-बाप के सामने 3 साल के मासूम की निर्मम हत्या Aajtak24 News |
धार/मध्यप्रदेश - मध्य प्रदेश के धार जिले में शुक्रवार को एक अत्यंत जघन्य और हृदय विदारक वारदात हुई, जिसने पूरे क्षेत्र को थर्रा दिया। जिले के गांव आली में एक अपरिचित युवक ने न केवल मां-बाप के सामने ही उनके साढ़े तीन वर्षीय मासूम बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी, बल्कि उसके शव के कई टुकड़े भी कर दिए। इस हैवानियत से आक्रोशित ग्रामीणों ने हमलावर को पकड़कर इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई।
बिना रंजिश घर में घुसकर की निर्मम हत्या
घटना गांव आली में कालू सिंह भूरिया के घर की है। मिली जानकारी के अनुसार, महेश मेहड़ा (24) नामक एक अपरिचित व्यक्ति बाइक से कालू सिंह के घर पहुंचा और सीधे अंदर जाकर पलंग पर बैठ गया। जब कालू और उनकी पत्नी ने उससे परिचय पूछा, तो उसने अचानक घर में टंगा धारदार हथियार (फालिया) उठा लिया। आरोपी महेश ने कालू सिंह के साढ़े तीन वर्षीय बेटे विकास को पकड़ लिया और उस पर कई वार किए। वार इतने घातक थे कि विकास का सिर कटकर अलग हो गया, और उसके शरीर के दो से तीन टुकड़े हो गए। इस वीभत्स कृत्य को देख माँ-बाप चीख पड़े। बेटे को बचाने के लिए जब मजऱूहा (बच्चे की माँ) बीच-बचाव करने गईं, तो हमलावर ने उन पर भी फालिए से वार किया, जिससे उनके कंधे और हाथों पर गंभीर चोटें आईं।
आक्रोशित ग्रामीणों ने हत्यारे को मार डाला
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी भागने लगा। चीख-पुकार सुनकर गाँव के लोग तुरंत जमा हो गए और उन्होंने महेश मेहड़ा को दौड़ाकर पकड़ लिया। भीड़ का गुस्सा इतना प्रचंड था कि उन्होंने उसे बांध दिया और जमकर पीटा, ताकि वह किसी और पर हमला न कर सके। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गंभीर रूप से घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसने दम तोड़ दिया।
हमलावर की पहचान और अवसाद का पहलू
पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने बताया कि हत्यारे की पहचान आलीराजपुर जिले के ग्राम भावती निवासी महेश मेहड़ा (24) के रूप में हुई है, जो जोबट का निवासी बताया गया है।
स्वजनों से पूछताछ में पता चला है कि महेश पिछले तीन दिनों से लापता था।
परिजनों के अनुसार, वह अवसाद (डिप्रेशन) से पीड़ित था और इसी स्थिति में घर से निकल गया था।
पुलिस इस बात की गहनता से जाँच कर रही है कि मानसिक रूप से परेशान महेश इस दूरदराज के गांव आली में क्यों आया और उसने इतनी क्रूरता से मासूम की हत्या क्यों की।
कानून हाथ में लेने पर ग्रामीणों पर भी केस
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भले ही ग्रामीणों ने एक जघन्य हत्यारे को रोका हो, लेकिन कानून हाथ में लेने के मामले में ग्रामीणों के विरुद्ध भी हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस ने गांव में तनाव और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। यह पूरी घटना न केवल एक मासूम बच्चे की दुखद मौत है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
