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| मोजर वेयर में ठेका दिलाने के नाम पर 1.60 करोड़ की महाठगी! मास्टरमाइंड नरेंद्र शर्मा गिरफ्तार, अन्य आरोपियों की तलाश जारी Aajtak24 News |
अनूपपुर/मरवाही - मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले से लगे छत्तीसगढ़ के मरवाही क्षेत्र में मोजर वेयर पावर प्लांट (जैतहरी) में रेत सप्लाई का ठेका दिलाने के नाम पर एक बड़े धोखाधड़ी रैकेट का खुलासा हुआ है। जैतहरी में कोयला सप्लाई के नाम पर पहले भी 56 लाख रुपये की ठगी कर चुके मास्टरमाइंड नरेंद्र कुमार शर्मा उर्फ कार्तिक और उसके साथियों ने इस बार मरवाही के पेट्रोल पंप संचालक अमित कुमार गुप्ता को 1 करोड़ 59 लाख 60 हजार रुपये का चूना लगाया है। मरवाही पुलिस ने शिकायत के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नरेंद्र कुमार शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके अन्य साथियों की तलाश जारी है।
ऐसे फंसाया झांसे में: रेत सप्लाई का फर्जी ठेका
यह धोखाधड़ी का मामला जुलाई 2024 में शुरू हुआ। आरोपी नरेंद्र शर्मा पीड़ित अमित कुमार गुप्ता के पेट्रोल पंप पर नियमित रूप से आने-जाने लगा और उससे दोस्ती बढ़ाई। इसके बाद उसने पीड़ित को अपने साथी संतोष सिंह (जैतहरी के गंगा पेट्रोल पंप संचालक) और अरविंद विश्वकर्मा उर्फ चोगले से मिलवाया। सभी आरोपियों ने अमित गुप्ता को यह झूठा भरोसा दिलाया कि वे मोजर वेयर पावर प्लांट जैतहरी में रेत सप्लाई का एक बड़ा ठेका (कॉन्ट्रैक्ट) दिला सकते हैं। झांसे में लेने के बाद, आरोपियों ने फरियादी अमित गुप्ता के आधार, पैन, बैंक डिटेल्स और फोटो जैसे संवेदनशील दस्तावेज लिए और उनका उपयोग करके एक फर्जी पर्चेस ऑर्डर तैयार किया। इसके बाद, उन्होंने रेत सप्लाई, रॉयल्टी और ट्रांसपोर्टेशन जैसे विभिन्न मदों के नाम पर अलग-अलग तारीखों में पीड़ित से 1 करोड़ 59 लाख 60 हजार रुपये से अधिक की भारी भरकम रकम वसूल ली।
फर्जी चेक और नकली टीपी से दिया धोखा
जब पीड़ित अमित गुप्ता ने भुगतान के लिए दबाव बनाया, तो आरोपियों ने गारंटी के तौर पर करोड़ों रुपये के कई चेक दिए, जो बाद में बाउंस हो गए। इतना ही नहीं, उन्होंने ठगी को पुख्ता करने के लिए झूठे ट्रांसपोर्ट परमिट (टीपी) और रॉयल्टी पर्चियां भी व्हाट्सएप पर भेजीं, जिससे अमित गुप्ता को यह लगे कि रेत की सप्लाई प्लांट में शुरू हो चुकी है।
सच्चाई का खुलासा और पुरानी ठगी का इतिहास
लंबे समय तक भुगतान न होने और चेक बाउंस होने पर अमित गुप्ता ने खुद मोजर वेयर कंपनी कार्यालय जाकर जानकारी ली। वहाँ पता चला कि उनके नाम से कभी कोई टेंडर, पर्चेस ऑर्डर जारी नहीं हुआ था और न ही उनकी तरफ से कोई रेत सप्लाई हुई थी। इसके बाद पीड़ित ने थाना मरवाही में रिपोर्ट दर्ज कराई। मरवाही पुलिस ने नरेंद्र कुमार शर्मा उर्फ कार्तिक, संतोष सिंह, अरविंद विश्वकर्मा और विकास सिंह व अन्य आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और छल सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। यह पहली बार नहीं है जब नरेंद्र शर्मा और संतोष सिंह ने इस तरह की ठगी की है। इससे पहले, वर्ष 2019 में, इन दोनों ने अनूपपुर निवासी कमलेश द्विवेदी के साथ कोयला सप्लाई का काम दिलाने के नाम पर 55 लाख 97 हजार 530 रुपये की धोखाधड़ी की थी। उस मामले में भी फर्जी डीओ लेटर और ट्रांसपोर्ट भाड़े का झांसा देकर लगभग 56 लाख रुपये हड़प लिए गए थे। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी नरेंद्र शर्मा से पूछताछ कर रही है और इस करोड़ों की ठगी में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
