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| पटना स्कूल कांड में नया मोड़: छात्रा की मौत के मामले में हत्या का आरोप, परिजन बोले- 'टीचर कर रहे थे गंदा काम, उसने देख लिया तो जिंदा जलाया'Aajtak24 News |
परिजनों का सनसनीखेज दावा
मृत छात्रा की बड़ी बहन और पिता ने पुलिस में दर्ज कराई एफआईआर में चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, छात्रा ने स्कूल के ही एक पुरुष शिक्षक और एक महिला शिक्षिका को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। छात्रा ने यह बात अपनी बहन को बताई थी। इस घटना के बाद से ही पुरुष शिक्षक बच्ची को लगातार धमका रहा था कि वह इस बात की शिकायत किसी से न करे, अन्यथा उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। परिजनों का आरोप है कि इसी धमकी से परेशान होकर छात्रा ने स्कूल जाना छोड़ दिया था, लेकिन जब वह दो दिन बाद वापस स्कूल गई, तो उसे जिंदा जला दिया गया। यह हृदय विदारक घटना बुधवार की सुबह चितकोहरा कन्या मध्य विद्यालय में हुई। असेंबली के समय 12 वर्षीय छात्रा स्कूल के बाथरूम में बुरी तरह झुलस गई थी। इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन ने घटना की जानकारी उन्हें देने में देरी की, जबकि उनका घर स्कूल के बिल्कुल बगल में ही था। पुलिस ने उन्हें दोपहर करीब 12 बजे सूचना दी, जबकि घटना 10 बजकर 10 मिनट पर ही हो चुकी थी।
जांच में बाधाएं और पुलिस की कार्रवाई
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष जांच टीम का गठन किया है। पुलिस ने घटना की सच्चाई का पता लगाने के लिए स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि स्कूल के सभी कैमरे खराब पाए गए, जिससे जांच में एक बड़ी बाधा खड़ी हो गई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि घटना के समय शौचालय का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे बाद में किसी तरह खोला गया। पुलिस ने गुरुवार को स्कूल के शिक्षकों और आसपास के लोगों से पूछताछ की है। इस बीच, दोपहर में चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की टीम भी जांच के लिए स्कूल पहुंची, लेकिन स्कूल बंद होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा।
इंसाफ की मांग और सामाजिक आक्रोश
मृत छात्रा के पिता, जो एक गरीब सब्जी विक्रेता हैं, ने अपनी बेटी के हत्यारों के लिए फांसी की सजा की मांग की है। उन्होंने पुलिस पर भी सहयोग न करने और प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया है। यह घटना समाज में गहरे आक्रोश का कारण बनी हुई है, क्योंकि यह न केवल एक बच्ची की मौत का मामला है, बल्कि शिक्षा के मंदिर में सुरक्षा और नैतिकता के पतन को भी दर्शाता है। पुलिस अब इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है ताकि जल्द से जल्द सच्चाई का पता लगाया जा सके।
